बच्चे पर कुत्तों ने किया हमला, एक सरकारी अस्पताल ने लगाएं टांके, तो दूसरे ने खोले, जानें क्या कहती है रैबीज की गाइडलाइन

भोपाल: अशोका गार्डन इलाके में एक 10 साल के शिवा को कुत्तों ने नोंचकर बुरी तरह घायल कर दिया। शिवा दोपहर के समय अपने घर से थोड़ी दूसरी पर खेल रहा था, कुत्तों ने हमला किया उस वक्त बाकी बच्चे तो भाग गए लेकिन शिवा को कुत्तों ने दबोच लिया और शरीर में सात जगह उसे बुरी तरह से काट लिया। परिजन बच्चे को तुरंत अस्पताल ले गए जहां उसे इंजेक्शन लगाकर टांके लगा दिए और ज्यादा समस्या होने पर हमीदिया अस्पताल में दिखाने को कह दिया।

घटना सुबह शनिवार, 26 फरवरी की दोपहर की है। अशोका गार्डन इलाके में रहने वाले पवन राजपूत के 10 वर्षीय बेटे शिवा सिंह घर से कुछ दूरी पर अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था और वहां कुत्तों ने उसपर हमला कर दिया। कुत्तों ने शिवा को सात जगहों पर काटा परिजन दोपहर में ही उसे जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां रेबीज क्लीनिक में इंजेक्शन लगाकर टांके लगा दिए गए और कहा कि यदि ज्यादा समस्या हो तो हमीदिया अस्पताल में दिखाने को कहा- लेकिन जब परिजन शिवा को हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां के स्टाफ ने कहा कि टांके क्यों लगवाए?

हमीदिया अस्पताल में शिवा के टांके हटाकर घाव पर मरहम पट्‌टी किया और वहां से उसे वापिस घर भेज दिया। अब परिजन असमंजस में हैं कि वे टांके लगवाएं या हटाएं। इस मामले में एक निजी अखबार ने जानकारी निकाली तो जानकारों ने उन्हें बताया कि ऐसे मामले में टांके नहीं लगाने चाहिए। क्योंकि घाव को खुला रखके ही उन्हें सुखाना चाहिए।

रैबीज की गाइडलाइन के अनुसार क्या होना चाहिए-

– जानवर द्वारा काटने के बाद बहते नल के पानी से घाव को साबुन लगाकर धोना चाहिए।
– गहरे घाव होने पर टांके नहीं लगाना चाहिए।
– घाव धोने या सुखाने के बाद एंटीसेप्टिक क्रीम] टिंचर, डेटॉल आदि लगाना चाहिए।
– श्रेणी 3 के घावों के आसपास गहराई तक रैबीज इंजेक्शन लगाना चाहिए। साथ ही टिटनेस टोक्साइड और एंटीबायोटिक की आवश्यक खुराक देनी चाहिए।
– घावों को खुले हाथों से नहीं छुए और न ही मिट्‌टी, तेल और जड़ी-बूटी लगाएं।

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