JP Hospital Bhopal : मौत से जंग लड़ रहे बच्चे को जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया जीवन दान

JP Hospital Bhopal : मौत से जंग लड़ रहे बच्चे को जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया जीवन दान Doctors of Bhopal JP Hospital gave life to a girl fighting a battle with death vkj

JP Hospital Bhopal : मौत से जंग लड़ रहे बच्चे को जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया जीवन दान

JP Hospital Bhopal : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के जेपी अस्पताल में बीते 6 दिनों से मौत की जंग लड़ रहे एक मासूम बच्चे को अब जीवन दान मिल गया है। और ये जीवन दान दिया है जेपी अस्पताल के डॉक्टरों ने।

दरअसल, 45 दिन के बच्चे आकाश नाथ को उसके माता-पिता गंभीर हालत में 14 मार्च 2023 को जेपी अस्पताल लेकर आए थे। बच्ची को तेज बुखार और सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। डॉक्टरों ने बच्चे को पीआईसीयू में भर्ती किया था। बच्चे की जांच कर उसे तुरंत मशीन द्वारा सांस दी गई और उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन इसके बाद भी बच्चे की हालत में सुधार नहीं आया। बच्चे के शरीर से लगातार ऑक्सीजन की मात्रा कम होने लगी थी। क्योंकि बच्चे को निमोनिया हो गया था।

वेंटीलेटर पर रखा बच्चे को

बच्चे की हालत देख डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर रखने का फैसला किया। इसके बाद 17 मार्च को बच्चे को इंटूवेट कर वेंटीलेटर मशीन पर रखा गया। वही बच्चे की खून की रिपोर्ट में भी सी.आर.पी. 135 और डब्ल्यूबीसी - 25000 बढ़ा आया। इसलिए एंटीबायोटिक्स को अपग्रेड किया गया। बच्चे को अस्ताल के सभी डॉक्टर एवं नर्सिंग अधिकारी के गहन निरीक्षण के बाद 3 दिन मंे मेकेनिकल वेंटीलेटर सें सी एएपी मशीन इसके बाद 22 मार्च को सिर्फ ऑक्सीजन सपोर्ट रखा गया। इसके बाद बच्चे की हालत में सुधार आया।

डॉक्टरों की महनत रंग लाई

बता दें कि अस्पताल के डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बाद मेहनत रंग लाई। बच्चा अभी स्वस्थ्य हैं, बच्चा अभी मां का दूध भी पी रहा है। खून का इंफेक्सन भी बहुत काम हो गया है और ऑक्सीजन की मात्रा भी सामान्य बनी हुई है। सांस लेने मे किसी भी प्रकार की तकलीफ नही है।

बच्चे को बचाने में डॉक्टरों ने की दिन रात मेहनत

अस्तापल के डॉक्टरों ने बताया कि जेपी जिला अस्पताल के शिशु विभाग के सभी वरिष्ठ चिकित्सक, पी.आई. सी. यू. एवं एस.एन. सी. यू के समस्त पी.जी. एम.ओ.शिव विभागकार्यरत, पीजी स्टूडेंट, पी.आई.सी.यू. और सभी नसिंग अधिकारीयों ने बच्चे को बचाने के लिए दिन रात एक कर दिया। बच्चे के परिजनों ने बताया कि सभी डॉक्टरों की दिन-रात मेहनत के बाद उनके बच्चे को गंभीर बीमारी से निकलकर उसे नया जीवन दान दिया है। अब उनका बच्चा स्वस्थ्य है।

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