Sleep and Heart: एक अच्छी सेहत के लिए जहां पर 8 घंटे की नींद जरूरी होती है वहीं पर अक्सर काम के प्रेशर या ऑफिस की गड़बड़ शिफ्ट की वजह से हम पांच या 6 घंटे की नींद ही रोजाना ले पाते है। सोचते है कि, नींद का कोटा वीकेंड पर पूरा कर लेगें इसके लिए वीकेंड पर घंटों सोते है। लेकिन क्या आपने सोचा है आखिर ये एक्स्ट्रा नींद से सेहत पर क्या असर पड़ता होगा। इसे लेकर पेन स्टेट यूनिवर्सिटी ने एक रिसर्च किया है। जानिए इसके बारे में।
जानिए क्या कहता है रिसर्च
यहां पर यूनिवर्सिटी ने किए रिसर्च की मानें तो, वीकेंड पर हफ्तेभर के नींद की भरपाई की कोशिश करना दिल की सेहत पर बुरे असर को कम नहीं कर सकता है। वीकेंड पर नींद पूरी करने के बजाय हमें, हर दिन नींद पूरी करने की कोशिश करनी चाहिए।
आपकी अच्छी नींद और दिल की सेहत का गहरा संबंध माना जाता है। अगर नींद पूरी नहीं होती है तो भविष्य में दिल की सेहत पर असर डालता है। इसके लिए स्टडी में 20 से 35 साल के 15 स्वस्थ युवाओं को शामिल किया गया, जिन्हें 5 रात तक सोने को मना किया गया. सिर्फ रात में 5 घंटे सोने की अनुमति दी गई।
इसके बाद दो रात रिकवरी नींद लेने को कहा गया. इन दोनों दिन उन्हें 10-10 घंटे सोने की छूट दी गई. इस दौरान हर दो घंटे पर उनका हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर चेक किया गया. इसके नतीजे काफी चौंकाने वाले रहे।
जानिए क्या आया स्टडी का नतीजा
यहां पर स्टडी में नतीजा आया कि, नींद पर पाबंदी के दौरान हर दिन हार्ट रेट और सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में वृद्धि हुई है। वहीं पर वीकेंड पर सोए ये युवा हफ्ते के आखिरी में नीदं पूरी हुई, बावजूद इसके हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर वापस नहीं आए।
रिसर्च की मानें तो, आराम करने का एक्स्ट्रा समय मिलने के बावजूद वीकेंड के आखिरी तक पार्टिसिपेंट्स का हार्ट सिस्टम ठीक नहीं हुआ। इस दौरान यह भी खुलासा हुआ कि, आपकी नींद पूरी नहीं होने पर इसमें पता चला कि नींद न पूरी होने पर दिल की सेहत ही नहीं बल्कि मानसिक सेहत, वेट कंट्रोल, किसी चीज पर फोकस यानी एकाग्रता पर भी असर पड़ता है।
इसलिए वीकेंड पर नींद पूरी करने से हार्ट से जुड़ी समस्याएं कम नहीं होती हैं. इसलिए हर दिन नींद पूरी करने पर फोकस करना चाहिए।
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