Diwali Gher or Dukan Muhurt 2021 : दीपावली आज, शुभ—स्थिर लग्न की गई पूजा देगी शुभ फल

Diwali Gher or Dukan Muhurt 2021 : गुरुवार को दीपावली पर इस मुहूर्त में जलाएंगे दीप, मिलेगा विशेष लाभ diwali-gher-or-dukan-muhurt-2021-deepawali-will-be-lit-on-thursday-in-this-muhurta-special-benefits-will-be-given

Diwali Gher or Dukan Muhurt 2021 : दीपावली आज, शुभ—स्थिर लग्न की गई पूजा देगी शुभ फल

नई दिल्ली। आज दीपावली है। Diwali Gher or Dukan Muhurt 2021 ज्योतिषाचार्यों की मानें तो शुभ और स्थित लग्न में पूजा की जाएं तो मां लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है। तो वहीं महामुहूर्त में की गई पूजा का कई गुना अधिक फल मिलता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सनत कुमार खम्परिया के अनुसार चूंकि मां लक्ष्मी का जन्म रात हुआ था। इसलिए इस समय पूजा करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।

स्वाती नक्षत्र में होगा दुकानों का पूजन
पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार दुकान का पूजन स्वाती नक्षत्र में करना बेहद शुभ माना गया है। इसके लिए सुबह 7:25 से 9:42 तक का मुहूर्त शुभ रहेगा। तो वहीं घर के पूजन के लिए शाम 6:11 से 8:07 का मुहूर्त श्रेष्ठ माना गया है।

महा अमृत मुहूर्त में हुआ था मां लक्ष्मी का जन्म
वैसे तो लक्ष्मीजी का पूजन चर और अमृत खास माना जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सनत कुमार खम्परिया के अनुसार मां लक्ष्मी का जन्म रात 11:45 बजे हुआ था। इसलिए इसे महा अमृत मुहूर्त कहा जाता है इस समय किया गया पूजन सबसे ज्यादा खास माना जाता है।

यह रहे मुहूर्त —
महा अमृत मुहूर्त — 4 नवंबर को रात 11:45 — 12:30 तक

दुकान में पूजन मुहूत —
स्वाती नक्षत्र — सुबह में 7:25 से 9:42

घर में पूजन मुहूर्त —
स्थिर लग्न — घर 6:11 से 8:7 मिनिट तक

चौघड़िया से —
लाभ चौघड़िया दोपहर 12 से 1:30
शुभ चौघड़िया शाम 4:30 से 6

ये करें दीपावली के दिन —
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और उपवास करने का संकल्‍प लें।
- बड़ों का आशीर्वाद लें।
- घर को सजाएं, द्वार के बाहर रंगोली बनाएं।
- दिवाली के दिन पकवान और मिठाइयां बनाएं। ज्‍यादा मात्रा में बनाकर गरीबों में बांटें।
- शाम को दोबारा स्‍नान करके लक्ष्मीजी के स्वागत की तैयारी करें।
- पूजन के लिए दीवार को चूने गेरू से पोतकर लक्ष्मीजी की तस्वीर लगाएं।
- गणेश जी की मूर्ति रखें।
- मां लक्ष्मी को मौली अर्पित करें।
- चौकी पर 6 चौमुखे दीये और 26 छोटे दीये जलाएं।
- पूजन के बाद दीयों को घर के कोनों में, मुख्‍य द्वार पर और छत पर रखें। लेकिन एक चौमुखी दीया पूजा स्‍थल पर रहने दें।
- जल भरा हुआ कलश, चावल, फल, गुड़, अबीर, गुलाल, धूप आदि से विधिवत पूजन कर भोग लगाएं।
- घर के सदस्यों को भेंट स्‍वरूप पैसे दें।

नोट: इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित हैं। बंसल न्यूज इनकी पुष्टि नहीं करता।

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