Diwali 2025 Shubh Muhurat: दीपावली आज, ये दो घंटे पूजा के लिए सबसे शुभ, देखें कब से कब तक रहेगा

Diwali 2025 Shubh Muhurat: दीपावली आज, ये दो घंटे पूजा के लिए सबसे शुभ, देखें कब से कब तक रहेगा diwali-2025-puja-shubh-muhurat-jyotish-upay-hindi-news-pds

Diwali 2025 Shubh Muhurat

Diwali 2025 Shubh Muhurat

Diwali 2025 Kab Hai Date Tithi Muhurat Hindi News: साल का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली आज पूरे  देश में बड़े धूमधाम से  को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। घरों में रंग रोगन हो रही है। ऐसे में चलिए जानते हैं इस बार दीपावली पूजा के लिए कितने मुहूर्त आएंगे.

दीपावली के पांच दिन के उत्सव

  • दीपावली: 20 अक्टूबर
  • अन्नकूट: 22 अक्टूबर
  • भाईदूज: 23 अक्टूबर

अमावस्या का महत्व

publive-image

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल रूप चौदस दोपहर 3:45 बजे तक रही इसके बाद अमावस्या तिथि प्रारंभ हुई है. उज्जैन के पंडित के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या को ही दीपावली का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी प्रदोष काल में मां महालक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, इसलिए दिवाली का पूजन भी अमावस्या के प्रदोष काल में ही श्रेष्ठ माना जाता है।

पंचांग की अवधारणाएँ

  • उज्जैन के पंडितों के अनुसार भारतीय ज्योतिष में पंचांग की दो मुख्य पद्धतियाँ मानी गई हैं – ग्रह लाघव और ग्रह चैत्र।
  • ग्रह चैत्र पद्धति दर्शय गणित पर आधारित है।
  • ग्रह लाघव सूक्ष्म गणित पर केंद्रित है।
  • इसी अंतर के कारण विद्वानों के विचार कई बार अलग-अलग होते हैं। पंचांग के आधार पर ही तिथि और दिन का निर्धारण किया जाता है। इस बार प्रदोष काल की तिथि 20 अक्टूबर को आ रही है, इसलिए उसी दिन दिवाली मनाना सर्वोत्तम माना गया है।

लक्ष्मी भ्रमण आज 

publive-image

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, दिवाली का पर्व 20 अक्टूबर यानी आज ही मनाया जाएगा। सूर्योदय और सूर्यास्त का समय हर स्थान पर अलग-अलग होने से दिवाली के पूजन का समय स्थानीय पंचांग और विद्वानों से पूछकर ही तय करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार इस बार दीपावली का त्योहार 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उसका कारण अमावस तिथि का समय है। दरअसल इस बार अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 2:42 पर आएगी जो दूसरे दिन सूर्योदय तक रहेगी। चूंकि दीपावली का त्योहार रात्रिकालीन पर्व है। यानी मां लक्ष्मी की पूजा रात में होती है इसलिए दीपावली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी।

भौगोलिक स्थिति और तिथि का अंतर

तिथि की अवधि निश्चित नहीं होती। यह सामान्यतः 55 से 65 घटियों के बीच बदलती रहती है। धर्मशास्त्र के अनुसार वर्ष चार प्रकार के बताए गए हैं – चंद्र वर्ष, सावन वर्ष, सौर वर्ष और बृहस्पति वर्ष।

पर्व अधिकतर चंद्र वर्ष के अनुसार मनाए जाते हैं, जिसकी अवधि लगभग 354 दिन की होती है। चंद्र वर्ष की तिथियाँ स्थिर न होने के कारण भारत के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में दिवाली की तिथियों और समय में थोड़ा अंतर आ जाता है।

पिछले साल भी था मतभेद

पिछले वर्ष भी दिवाली कब मनाई जाए, इसको लेकर ज्योतिषाचार्यों के बीच असमंजस की स्थिति बनी थी। इंदौर में हुई ज्योतिष एवं विद्वत परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दीपावली 1 नवंबर को मनाई जाए, जबकि उज्जैन के ज्योतिषाचार्यों ने शास्त्रों के आधार पर 31 अक्टूबर को ही सही तिथि माना था।

31 अक्टूबर की शाम 4:03 बजे से अमावस्या की शुरुआत हुई थी, जबकि 1 नवंबर को अमावस्या शाम 5:38 बजे तक रही और उसी दिन सूर्यास्त 5:46 बजे हुआ। चूंकि दीपावली का मुख्य पूजन प्रदोष काल और रात्रि में ही संपन्न होता है, इसलिए अमावस्या वाले दिन यानी 31 अक्टूबर को ही दीपावली का पर्व मनाना उचित ठहराया गया था।

घर पर पूजा के लिए स्थिर लग्न के शुभ मुहूर्त

1- सुबह में वृश्चिक स्थिर लग्न :

8:23 AM से 10:39 AM

2- दोपहर में कुंभ स्थिर लग्न :

2:33 PM से 4:03 PM

3- शाम में वृषभ स्थिर लग्न:

7:09 PM से 9:03 PM

4- देर रात में सिंह स्थिर लग्न:

1:36 AM से 3:50 AM

दुकान के लिए ​चर लग्न शुभ मुहूर्त

1- दोपहर में मकर चर लग्न:

12:46 PM से 2:36 PM

2- शाम को मेष चर लग्न

5:31 से 7:08 तक (सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त)

publive-image

यह भी पढ़ें: दीपावली पर शिवराज का संदेश, भांजे-भाजियों एवं भाई-बहनों को दी शुभकामनाएं, स्वदेशी अपनाने की अपील

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article