Advertisment

जहरीली शराब मामले की जांच संभागीय आयुक्त को, अनेक अधिकारी,कर्मचारी निलंबित

author-image
Bhasha
देश में रविवार तक कुल 2,24,301 लाभार्थियों को कोविड-19 का टीका लगाया गया: सरकार

जयपुर, 14 जनवरी (भाषा) राजस्थान सरकार ने भरतपुर जिले में जहरीली शराब मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए अनेक अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और इसकी जांच संभागीय आयुक्त से कराने का फैसला किया है।

Advertisment

इस बीच कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या सात हो गयी है। घटना भरतपुर जिले के रूपवास थाना क्षेत्र के चक सामरी गांव की है। जिला कलेक्टर नथमल डिडेल ने बताया कि जहरीली शराब पीने से बीमार तीन और लोगों की बृहस्पतिवार को मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है जबकि पांच अन्य का उपचार जारी है।

इस संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आबकारी, प्रवर्तन, प्रशासन व पुलिस के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया। एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार इसके तहत भरतपुर के जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी व प्रवर्तन अधिकारी राकेश शर्मा, बयाना आबकारी थाने के गश्त अधिकारी रेवतसिंह राठौड़, बयाना के आबकारी निरीक्षक योगेंद्र सिंह को निलंबित किया गया है।

इसी तरह रूपवास में आबकारी प्रवर्तन थाने के संपूर्ण स्टाफ को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस थाना रूपवास के सहायक उप निरीक्षक मोहन सिंह व दो अन्य सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है।

Advertisment

प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और इसके कारणों व संपूर्ण परिस्थितियों की जांच भरतपुर के संभागीय आयुक्त से कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये व अन्य पीड़ितों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय किया है।

भाषा पृथ्वी कुंज

शोभना

शोभना

Advertisment
चैनल से जुड़ें