सीएम उम्मीदवार घोषित करने की हरीश रावत की सलाह पर उत्तराखंड कांग्रेस में उभरे मतभेद

देहरादून, 11 जनवरी (भाषा) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को कांग्रेस नेतृत्व को उत्तराखंड में 2022 के विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने की सलाह दी है जिससे पार्टी में एक बार फिर से आपसी मतभेद उभर आए हैं ।

रावत के विरोधी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस के मुखिया प्रीतम सिंह और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश का मानना है कि कांग्रेस में ऐसी कोई परंपरा नहीं रही है जिसमें चुनाव से पहले ही मुख्यमंत्री तय कर लिया जाए । इसके विपरीत रावत समर्थक नेता पूर्व मंत्री गोविंद सिंह कुंजवाल ने इसे बहुत अच्छा सुझाव बताते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए रावत को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया जाना चाहिए ।

इससे पहले, एक ट्वीट में रावत ने कहा, ‘‘पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में साफ और स्पष्ट घोषणा से अनावश्यक कयासबाजियां और कार्यकर्ताओं के स्तर तक पहुंच रही गुटबाजी थम जाएगी जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट रहा है ।’’

उत्तराखंड के लिए पार्टी के नवनियुक्त प्रभारी देवेंद्र यादव को संबोधित अपने ट्वीट में रावत ने कहा, ‘’पार्टी को बिना लाग-लपेट के 2022 के चुनावी रण का सेनापति घोषित कर देना चाहिये । पार्टी को यह भी स्प्ष्ट कर देना चाहिए कि पार्टी की विजय की स्थिति में वही व्यक्ति प्रदेश का मुख्यमंत्री भी होगा ।’’

उन्होंने कहा, ‘’उत्तराखंड, वैचारिक रूप से परिपक्व राज्य है। लोग जानते हैं कि राज्य के विकास में मुख्यमंत्री की क्षमता व नीतियों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। हम चुनाव में यदि अस्पष्ट स्थिति के साथ जायेंगे तो यह पार्टी के हित में नहीं होगा ।’’

रावत ने यह भी कहा कि उन्हें लेकर पार्टी में कोई असमंजस नहीं होना चाहिये और पार्टी जिसे भी सेनापति घोषित कर देगी, वह उसके पीछे खड़े रहेंगे । उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को विशालतम अनुभवी व अतिऊर्जावान लोगों की सेवाएं उपलब्ध हैं । उनमें से एक नाम की घोषणा करिये व हमें आगे ले चलिये।’’

हालांकि, इस बारे में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने पर नेता का चयन कर लिया जाएगा । उन्होंने यह भी कहा कि हरीश रावत की मांग के बारे में राष्ट्रीय नेतृत्व ही विचार कर सकता है ।

इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा ह्रदयेश ने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद का चेहरा पहले से घोषित करने की कोई परंपरा नहीं रही है और चुनाव के बाद बहुमत मिलने पर सब मिल बैठकर पार्टी हाईकमान के निर्देश पर अपना नेता चुन लेते हैं । उन्होंने कहा कि 2014 में हरीश रावत खुद इसी प्रकार से मुख्यमंत्री बने थे ।

भाषा दीप्ति

मानसी

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