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सर्वे के 96 दिनों में मिले 1700 अवशेष: सबूतों से जानकारों का ये दावा; इस दिन कोर्ट में पेश होगी Survey रिपोर्ट

Dhar Bhojshala ASI Survey: सर्वे के 96 दिनों में मिले 1700 अवशेष: सबूतों से जानकारों का ये दावा; इस दिन कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट

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Preetam Manjhi
सर्वे के 96 दिनों में मिले 1700 अवशेष: सबूतों से जानकारों का ये दावा; इस दिन कोर्ट में पेश होगी Survey रिपोर्ट
हाइलाइट्स
  • धार भोजशाला में मिले 1700 अवशेष
  • 96 दिनों से चल रहा एएसआई का सर्वे
  • 2 जुलाई को कोर्ट में पेश होगी सर्वे रिपोर्ट
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Dhar Bhojshala ASI Survey: मध्यप्रदेश के धार जिले में बनी भोजशाला का ASI सर्वे 96 दिन से चल रहा है। इन दिनों में 1700 से ज्यादा अवशेष मिले हैं। जिनमें प्राचीन दीवारें, मूर्तियां, ढांचे, खंभे, भित्ति चित्र शामिल हैं।

बता दें कि अभी भी अवशेषों का मिलना लगातार जारी है। इसे ये दावा किया जा रहा है कि ये सब परमार कालीन यानी कि 9वीं से 11वीं शताब्दी के बीच का निर्माण है।

सर्वे के दैरान (Dhar Bhojshala ASI Survey) गर्भगृह के पास करीब 27 फीट लंबी दीवार भी मिली है, जो कि पत्थर की जगह ईंटों से बनी है। पुरातत्विदों का ऐसा मानना है कि ईंटों से निर्माण मोहनजोदड़ो सभ्यता के समय हुआ करता था।

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https://twitter.com/BansalNewsMPCG/status/1805841420357341689

इस दिन कोर्ट में पेश होगी सर्वे रिपोर्ट

वहीं कमाल मौला की दरगाह के पास बाईं दीवार से लगा गोमुख और भीतर बावड़ी, कुरान की आयतें लिखे शिलालेख और जैन धर्म से जुड़ी मूर्तियों के साथ शिलाएं भी मिली हैं।

बता दें कि ASI सर्वे भोजशाला के 50 मीटर के दायरे में सर्वे कर रहा है, जो कि लगभग पूरा हो चुका है। ASI 2 जुलाई 2024 को सर्वे रिपोर्ट (Dhar Bhojshala ASI Survey) कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद 4 जुलाई 2024 को सुनवाई होगी।

Dhar-Bhojshala-ASI-Survey

सर्वे में खुदाई के दौरान सैकड़ों मिले अवशेष

सर्वे टीम के मुताबिक, सर्वे में खुदाई के दौरान सैकड़ों अवशेष मिले हैं। इनमें हिंदु देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ खंभे, भित्ती चित्र शामिल हैं।

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इसके साथ ही कुरान की आयतें लिखे हुए शिलालेख भी मिले हैं, जिन्हें देखकर ये समझ आ रहा है कि ये परमार कालीन मंदिर रहा होगा।

मुस्लिम पक्ष का ये दावा

वहीं मुस्लिम पक्ष का ये दावा है कि यहां सन् 1305 से 1307 के बीच कमाल मौला मस्जिद को बनाया गया था।

Dhar-Bhojshala-ASI-Survey

सर्वे के 96 दिन और 1700 अवशेष

- गर्भगृह का पीछे वाला हिस्सा: भोजशाला के भीतर 27 फीट तक खुदाई की गई, जिसमें दीवार का ढांचा मिला।

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- सीढ़ियों के नीचे का बंद कमरा: यहां मां वाग्देवी, सरस्वती, हनुमानजी, गणेशजी और शंख, चक्र सहित 79 अवशेष मिले।

- उत्तर-पूर्वी कोना और दरगाह का पश्चिमी हिस्सा: यहां से श्रीकृष्ण और वासुकी नाग के साथ शिवजी की प्रतिमा मिली है।

- भोजशाला का उत्तर-दक्षिणी कोना: यहां से तलवार, स्तंभ दीवारों के 150 नक्काशी वाले अवशेष मिले।

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- यज्ञशाला के पास: यहां दीवार ढांचा, सनातनी आकृतियों वाले पत्थर मिले।

- दरगाह के पास: यहां से अंडरग्राउंड अक्कल कुइया को चिंहित किया गया।

- स्तंभों से:  भोजशाला के स्तंभो से केमिकल ट्रीटमेंट के बाद सीताराम और ओम नम: शिवाय की आकृतियां भी बनी मिली।

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