Devendra Fadnavis News : फडणवीस ने साधा शिवसेना पर निशाना, हिंदुत्व के मुद्दे पर उठाये सवाल

Devendra Fadnavis News : फडणवीस ने साधा शिवसेना पर निशाना, हिंदुत्व के मुद्दे पर उठाये सवाल Devendra Fadnavis News: Fadnavis targets Shiv Sena, raises questions on the issue of Hindutva sm

Devendra Fadnavis News : फडणवीस ने साधा शिवसेना पर निशाना, हिंदुत्व के मुद्दे पर उठाये सवाल

मुंबई । हिंदुत्व पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की टिप्पणी के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि शिवसेना का हिंदुत्व केवल कागजों पर है और भाषणों के बाहर नजर नहीं आता। पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर बनाया जा रहा है और उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर का गलियारा भी बनवाया। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ शिवसेना औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर और उस्मानाबाद का नाम बदलकर धाराशिव तक नहीं कर सकी। फडणवीस ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज कर दिया गया, वहीं शिवसेना केवल बातें करती रही। शिवसेना ने मुगल शासक औरंगजेब द्वारा निर्मित औरंगाबाद को दूसरे मराठा शासक छत्रपति संभाजी (छत्रपति शिवाजी महाराज के बेटे) के नाम पर संभाजीनगर और उस्मानाबाद को धाराशिव कहकर संबोधित किया है।

शिवसेना ने हिंदुत्व को नहीं बल्कि भाजपा को छोड़ दिया

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद 2019 में शिवसेना और भाजपा का गठबंधन टूट गया था। शिवसेना ने राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर महा विकास आघाड़ी की सरकार राज्य में बनाई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को भाजपा पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार हिंदुत्व का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सिकुड़ गया है, क्योंकि अकाली दल एवं शिवसेना जैसे पुराने सहयोगी पहले ही उससे बाहर निकल गये। पार्टी के संस्थापक और अपने पिता बाल ठाकरे की 96 वीं जयंती पर शिवसैनिकों को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना ने सत्ता के माध्यम से हिंदुत्व के एजेंडे को आगे ले जाने के लिए भाजपा से हाथ मिलाया था। उन्होंने कहा, ‘‘ शिवसेना ने भाजपा के साथ गठजोड़ किया था, क्योंकि वह हिंदुत्व के लिए सत्ता चाहती थी। शिवसेना ने सत्ता की खातिर कभी हिंदुत्व का इस्तेमाल नहीं किया।’’ उन्होंने कहा , ‘‘ शिवसेना ने हिंदुत्व को नहीं बल्कि भाजपा को छोड़ दिया ।

जिसमें शिवसेना चौथे नंबर पर रही

मैं मानता हूं कि भाजपा का अवसरवादी हिंदुत्व बस सत्ता के लिए है। ’’फडणवीस ने सोमवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘राम जन्मभूमि आंदोलन में शिवसेना की ओर से किसने भाग लिया? हमने आंदोलन में गोलियां और लाठियां खाईं। आपका (शिवसेना का) हिंदुत्व केवल कागज पर है।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर बनवाना सुनिश्चित किया, लेकिन शिवसेना कल्याण (महाराष्ट्र) में दुर्गाडी मंदिर के मुद्दे का समाधान नहीं कर सकी। भाषणों के बाहर आपका हिंदुत्व कहां है, आपको हिंदुत्व जीने की जरूरत है। यह केवल भाषणों तक सीमित नहीं होता।’’ उद्धव ठाकरे ने कहा था कि शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन में जो 25 साल निकाले, वह ‘बर्बाद’ हो गये। इस पर फडणवीस ने दावा किया कि जब शिवसेना भाजपा के साथ थी, तो यह नंबर एक पार्टी बन गयी थी, लेकिन जब उसका भाजपा से गठजोड़ नहीं है तो पार्टी चौथे नंबर पर खिसक गयी। वह स्थानीय निकाय चुनाव का जिक्र कर रहे थे, जिसमें शिवसेना चौथे नंबर पर रही।

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