देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड: गोविंद सिंह ने सरेंडर किया या हुई गिरफ्तारी, जानिए क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी

देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड: गोविंद सिंह ने सरेंडर किया या हुई गिरफ्तारी, जानिए क्या है पूरी इनसाइड स्टोरी

Govind Singh

दमोह। पथरिया विधायक रामबाई के पति और देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में मुख्य आरोपी गोविंद सिंह ने भिंड में STF के सामने सरेंडर कर दिया है। सुत्रों की मानों तो वह तीन दिन से ग्वालियर और भिंड में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूम रहा था। इसी बीच शनिवार को उसने एक वीडियों जारी कर कहा कि वह खुद को सरेंडर कर रहा है। आइए जानते हैं कि गोविंद सिंह के आत्मसमर्पण के पीछे की कहानी क्या है।

देवेंद्र चौरसिया पर 2019 में हुआ था हमला

दरअसल, 15 मार्च 2019, कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया अपने भाई महेश प्रसाद, अशोक और बेटे स्वमेश के साथ सुबह करीब 11 बजे गिट्टी क्रेशर प्लांट के दफ्तर पहुंचे थे। वे दफ्तर खोल ही रहे थे कि तभी तीन गाड़ियों और मोटरसाइकलों से कई लोग वहां पहुंचते हैं और उनपर लाठी, रॉड से हमला बोल देते हैं। हमले में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया और उनके बेटे स्वमेश गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। दोनों को पहले दमोह अस्पताल में भर्ती करवाया जाता है, जहां देवेंद्र चौरसिया की हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया जाता है। हालांकि वहां पहुंचने के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया जाता है।

पुख्ता साक्ष्य न होने के कारण 2019 में FIR से नाम हटा दिया गया

एफआईआर में विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह समेत कुल 28 लोगों को आरोपी बनाया जाता है। हालांकि सभी फरार होने में कामयाब हो जाते हैं। इसके बाद पुलिस गोविंद सिहं पर 25 हजार का इनाम भी घोषित करती है। लेकिन हटा पुलिस जब 173/8 के तहत 21 जुलाई 2019 को न्यायालय में चालान पेश करती है तो, उसमें गोविंद सिंह के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य न होने का हवाला देकर एफआईआर से नाम हटा दिया जाता है। लेकिन तभी देवेंद्र चौरसिया के परिजन न्यायालय की शरण में पहुंच जाते हैं। इसके बाद फिर से 18 महीने बाद अपर सत्र न्यायालय गोविंद सिंह का नाम जोड़ने का आदेश जारी किया जाता है।

पहले दमोह में ही अंडरग्राउंड था गोविंद सिंह

तभी से देवेंद्र चौरसिया फरार था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए 50 हजार का इनाम भी घोषित किया था। वहीं सुप्रीम कोर्ट भी लगातार प्रदेश सरकार और डीजीपी को फटकार लगा चुकी थी। ऐसे में सरकार और प्रशासन दोनों पर गोविंद सिंह को गिरफ्तार करने का दवाब था। सुत्रों की मानें तो दवाब बढ़ने के बाद गोविंद सिंह पहले तो कुछ दिन दमोह में ही शरण लिए हुए था। लेकिन जैसे ही भारी मात्रा में पुलिस उसके सागर नाका स्थित घर पर पहुंची और उसके अवैध कब्जे को ध्वस्त करने लगी। इसके बाद से वो चौकन्ना हो गया और प्रदेश छोड़कर दिल्ली निकल गया। यहां से वो राजस्थान भी गया था।

पत्नी की अपील के बाद पहुंचा भिंड

हालांकि मप्र STF भी उसका पीछा करते हुए दिल्ली पहुंच चुकी थी। लेकिन वो इतना शातिर है कि हर वक्त अपना ठिकाना बदलता रहा, इस कारण से पुलिस भी उसे ट्रेस नहीं कर पा रही थी। लेकिन तभी पथरिया विधायक रामबाई ने अपने पति से सरेंडर की अपील की। जिसके बाद वह अपने कुछ सहयोगियों की मदद से भिंड पहुंचता है और 3 दिन तक ग्वालियर-भिंड के इलाके में घूमते रहता है। जहां उसे बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाह का साथ मिलता है। जिसे वो अपने वायरल वीडियो में भी स्वीकार कर रहा है।

वीडियो में क्या कहा

वायरल वीडियो में वह कह रहा है कि वह पत्नी बसपा विधायक रामबाई के कहने पर सरेंडर कर रहा है, लेकिन वह आरोपी नहीं है। उसका कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से पत्नी ने उसे सरेंडर करने की अपील की थी, इसलिए वह भिंड जिले के किसी भी थाना क्षेत्र में सरेंडर करने जा रहा है। वीडियो में उसने यह भी कहा है कि यह वीडियो 27 मार्च सुबह 5 बजे उसने बनाया है। उसके बाद वह सरेंडर करने के लिए रवाना हो रहा है। इस वीडियो में उसने खुद को निर्दोष भी बताया है। कहता है यदि वह दोषी साबित होता है तो उसे चौराहे पर फांसी पर लटका दिया जाए। इसके बाद उसका एक और वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह कुछ लोगों के साथ एक वाहन में मौजूद है और उसने फिर यह कहा है कि वह वर्तमान में भिंड बस स्टैंड पर पहुंच गया है।

STF ने कहा हमने गिरफ्तार किया है

वहीं इस मामले पर STF चीफ विपिन माहेश्वरी ने बताया कि गोविंद की गिरफ्तारी हुई है। उसे भिंड बस स्टैंड से ग्वालियर STF और स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया गया है। STF को सुबह 6 बजे सूचना मिली थी कि आरोपी गोविंद सिंह भिंड बस स्टैंड के पास देखा गया जिसके बाद STF ने उसे बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया।

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