CG Bastar News: माओवाद की समस्या के बावजूद इलाकों में फोर्स की कमी

CG Bastar News: माओवाद की समस्या के बावजूद नक्सल प्रभावी इलाकों में फोर्स की कमी

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हाइलाइट्स 

  • माओवाद की समस्या के बाद भी फाॅर्स की कमी
  • 720 की आबादी में एक ही जवान की सेवा
  • फोर्स की कमी को तत्काल दूर करने की जरुरत

CG Bastar News: बस्तर में माओवाद की समस्या के बावजूद फोर्स की कमी है। आंकड़े बता रहे हैं कि प्रत्येक 720 की आबादी में एक ही जवान सेवा दे रहा है। ऐसे में नक्सल प्रभावित अंदरुनी इलाकों में प्रकरणों की विवेचना में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और लोगों को समय पर न्याय भी नहीं मिल पाता।

   नक्सल प्रभावी इलाकों में फोर्स की कमी  

40 हजार स्क्वायर किलोमीटर से अधिक एरिया में फैले बस्तर में वैसे तो पैरामिलेट्री फोर्स के जवान भी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सिविल क्राइम के मामलों में पुलिस की पड़ताल अपेक्षाकृत धीमी गति से चलती है। संभाग के सातों जिले नक्सल प्रभाव (CG Bastar News) वाले हैं। ऐसे में नक्सल से जुड़े क्राइम की विवेचना के साथ ही सिविल क्राइम की इनवेस्टीगेशन करनी होती है। इस लिहाज से फोर्स की कमी को तत्काल दूर करने की जरुरत है।

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    वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त जवान 

अर्बन, सेमी अर्बन और रुरल इलाकों (CG Bastar News) में क्राइम से जुड़ी इनवेस्टीगेशन करने के लिए फोर्स की कमी महसूस हो रही है। नक्सल मामलों के अलावा वीवीआईपी ड्यूटी में व्यस्त जवान समय नहीं निकाल पाते। अब नए कानून का प्रभावी ढंग से पालन करवाने के साथ ही नए थाने-चौकियां खोलने के साथ ही भर्तियों को लेकर विचार चल रहा है। अब तक हुई भर्तियों का पूरा फोकस नक्सल मामलों के निपटारे तक ही सीमित रहा है।

   नई चौकियों की स्थापना 

बस्तर के वरिष्ठ पुलिस अफसर भी भरोसा जता रहे हैं कि जल्द ही नए थाने और चौकियों की स्थापना की जानी है। ऐसे में नई भर्तियां भी जरुरी हो जाएंगी। इस लिहाज से यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बस्तर के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

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