खाद्य डिलिवरी पर जीएसटी घटाकर पांच प्रतिशत करने की मांग

भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ

कोलकाता, 17 जनवरी (भाषा) रेस्तरां व खाद्य डिलिवरी क्षेत्र ने होम डिलिवरी पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरें मौजूदा 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने की मांग की है। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि तीन अरब डॉलर के इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये जीएसटी दर को तार्किक बनाना आवश्यक है।

अधिकारियों ने कहा कि रेस्तरां में आकर खाने पर जिस सामग्री पर ग्राहक पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी देते हैं, उसी सामग्री को घर या ऑफिस पहुंचाने पर उन्हें 13 प्रतिशत अधिक जीएसटी भरना पड़ता है।

फूजा फूड्स के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक दिब्येंदू बनर्जी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘भारत में ऑनलाइन फूड डिलिवरी क्षेत्र काफी तेज गति से आगे बढ़ रहा है। यह अभी 2.94 अरब डॉलर का है और 22 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ रहा है। हालांकि, कर संबंधी जटिलताओं के चलते वृद्धि की राह में अवरोध उत्पन्न हो रहे हैं।’’

प्लाटर हॉस्पिटलिटी के निदेशक शिलादित्य चौधरी ने कहा, ‘‘कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन के बाद हमारे व्यवसाय में डिलिवरी की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर 60 प्रतिशत हो गयी है। चूंकि, हम दाम नहीं बढ़ा सकते, इसलिये अधिक कमीशन भरना पड़ रहा है। इसका असर हमारे मुनाफे पर पड़ रहा है। यह स्थिति तब है जब हमारी बिक्री कोविड पूर्व के स्तर के करीब पहुंच चुकी है।

हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि कुछ महीने में जब आम आदमी तक दवा पहुंच जायेगी तो घर से बाहर निकलकर खाने वाले लोग भी रेस्त्रां में पहुंचेंगे।

भाषा

सुमन महाबीर

महाबीर

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