Delhi Fraud Case: 6180 करोड़ रुपए का फ्रॉड आया सामने,इस तरह हुआ ख़ुलासा ।

नई दिल्ली। जुलाई 2019 तक DHFL पर 83,873 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें बैंक, नेशनल हाउसिंग बोर्ड, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्डहोल्डर्स का पैसा शामिल है।पिछले महीने भी ट्रांजेक्शन ऑडिटर ने 6,180 करोड़ रु. के फ्रॉड का खुलासा किया कंपनी के एडमिनिस्ट्रेटर ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को नए फ्रॉड की जानकारी दी।
करोड़ो रुपए का  फ्रॉड

कर्ज में डूबी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) में एक और फ्रॉड सामने आया है। कंपनी के ऑडिटर ग्रांट थॉर्नटन ने 1424 करोड़ रुपए का एक और फ्रॉड पकड़ा है। DHFL ने एडमिनिस्ट्रेटर ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच को यह जानकारी दी है। कर्ज में डूबी DHFLकी NCLT में दिवालिया प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद से एडमिनिस्ट्रेटर कंपनी का संचालन कर रहे हैं।

फ्रॉड ट्रांजेक्शन
एडमिनिस्ट्रेटर ने कंपनी के मामलों की जांच के लिए ग्रांट थॉर्नटन को ट्रांजेक्शन ऑडिटर के तौर पर नियुक्त किया था। DHFL ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा है कि ट्रांजेक्शन ऑडिटर ने प्रारंभिक जांच में कंपनी में कई अंडर वैल्यू और फ्रॉड ट्रांजेक्शन की जानकारी दी थी। ट्रांजेक्शन ऑडिटर की जांच के आधार पर कंपनी के एडमिनिस्ट्रेटर ने 4 मार्च को NCLT को दो अतिरिक्त एफिडेविट दाखिल किए हैं। इनमें निश्चित एंटिटी को इंटर कॉरपोरेट डिपॉजिट (ICD) के वितरण की जानकारी दी गई है। यह वितरण DHFL के प्रमोटर कपिल वधावन, धीरज वधावन, टाउनशिप डेवलपर्स इंडिया लिमिटेड और अन्य एंटिटी को किया गया था।

संबंधित ट्रांजेक्शन

इन ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1424.32 करोड़ रुपए की राशि का फ्रॉड किया गया। इसमें कम ब्याज दर लगाने के कारण 29.94 करोड़ रुपए के ब्याज का नुकसान भी शामिल हैं। यह संबंधित ट्रांजेक्शन वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के बीच किए गए थे। कंपनी समय-समय पर ट्रांजेक्शन ऑडिटर से जानकारी लेती रहती है। पिछले महीने भी ग्रांट थॉर्नटन ने DHFL में 6180 करोड़ रुपए के फ्रॉड की जानकारी दी थी।

करोड़ो रुपए का कर्ज
जुलाई 2019 तक DHFL पर 83,873 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें बैंक, नेशनल हाउसिंग बोर्ड, म्यूचुअल फंड्स और बॉन्डहोल्डर्स का पैसा शामिल है। DHFL पर सबसे ज्यादा कर्ज स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का है। DHFL पर 74,054 करोड़ रुपए का सिक्योर्ड कर्ज और 9818 करोड़ रुपए का अनसिक्योर्ड कर्ज है। अधिकांश बैंक इस कर्ज को नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (NPA) घोषित कर चुके हैं। एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2020 तक DHFL के पास 79,800 करोड़ रुपए के असेट्स थे। इसमें से 50,227 करोड़ रुपए या कुल पोर्टफोलियो का 63% हिस्सा नॉन-परफॉर्मिंग असेट्स (NPA) घोषित हो चुका है।
RBI ने दिया NOC
DHFL की बिक्री के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दे दिया है। दिवालिया प्रक्रिया के दौरान DHFL को खरीदने के लिए पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस 37,250 करोड़ रुपए का ऑफर दिया है। RBI पहले ही इस ऑफर को मंजूरी दे चुका है। हाल ही में DHFL ने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा था कि RBI की ओर से NOC मिलने के बाद कंपनी ने रेजोल्यूशन प्लान जमा करने के लिए NCLT के पास आवेदन कर दिया है।

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