Mohan Cabinet: नगर पालिका संशोधन विधेयक, साइबर तहसील, EOW ऑफिस खोलने समेत हुए ये बड़े फैसले!

Mohan Cabinet: मोहन कैबिनेट में नगर पालिका संशोधन विधेयक को मंजूरी, ट्रांसफर से बैन हटाने को लेकर कोई फैसला नहीं

Mohan Cabinet

Mohan Cabinet

Mohan Cabinet: मोहन कैबिनेट में मंगलवार, 20 अगस्त को कई फैसलों को मंजूरी दी गई। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों के ट्रांसफर को लेकर कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके अलावा नगर पालिका संशोधन विधेयक को मंजूरी दी गई है।

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक (Mohan Cabinet) में ये फैसले हुए हैं।

नगरपालिका एक्ट में संशोधन को मंजूरी

मोहन कैबिनेट (Mohan Cabinet)  में मंगलवार को मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 43 में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। जिसके अनुसार 2 साल की जगह अब 3 साल में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकेगा। अध्यक्ष को हटाने के लिए दो तिहाई की जगह तीन चौथाई पार्षदों का बहुमत जरूरी होगा।इसके बाद ही अविश्वास प्रस्ताव मंजूर किया जा सकेगा। कैबिनेट ने पूर्व में लाए गए अध्यादेश को पलट दिया है। नगरपालिका अधिनियम की धारा 43 क में संशोधन करके यह फैसला लिया।

मोहन कैबिनेट (Mohan Cabinet) के फैसलों के बारे में मीडिया को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने जानकारी दी। कैबिनेट में हुए फैसले इस प्रकार हैं-

  • चितरंगी सिंचाई परियोजना को मंजूरी
  • नर्मदा नदी के विकास के लिए समग्र विकास के लिए समिति गठित होगी। जिसमें मंत्रियों को सदस्य बनाया जाएगा।
  •  प्रदेश में साइबर तहसीलों के विस्तार के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • महिला सशक्तिकरण को लेकर हुए कई अहम फैसले।
  • जिन संभागीय मुख्यालय में अभी ईओडब्ल्यू के एसपी कार्यालय नहीं है, वहां दफ्तर खोले जाएंगे। यहां एसपी स्तर के अधिकारी की नियुक्ति होगी।
  • शहडोल, नर्मदापुरम और चंबल में एसपी ईओडब्ल्यू के कार्यालय खुलेंगे।
  • प्लास्टिक मुक्ति पर केंद्रित अभियान शुरू होगा
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के उद्देश्य से दुग्ध उत्पादन, फसलों से आय बढ़ाने, जैविक फलोद्यान आदि पर योजना बनाने के निर्देश विभागों को दिए गए हैं।

publive-image

हर जिले में खोल जाएंगे महिला सशक्तिकरण केंद्र

  • महिला सशक्तिकरण केंद्र सभी जिलों में खोले जाएंगे। इसके लिए 364 पदों के लिए मंजूरी दी गई है।
  • इसमें केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 प्रतिशत राशि खर्च होगी। 2.73 करोड़ रुपए हर साल खर्च आएगा।
  • राज्य स्तर पर पीएमयू (प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट) और जिला स्तर पर डीएमआईयू (डिस्ट्रिक्ट मैनेजमेंट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) की स्थापना की जाएगी।

नगरीय क्षेत्रों में टाउन हॉल विकसित होंगे

जन्माष्टमी पर्व 26 अगस्त को प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विविध पक्षों पर केन्द्रित कार्यक्रम होंगे। साथ ही नगरीय क्षेत्रों में सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए टाउन हॉल विकसित किए जाएंगे। इसलिए जन्माष्टमी के दिन सभी मंत्री अपने जिलों में कार्यक्रमों में शामिल हों।

चितरंगी में प्रेशराइज्ड पाइप माइक्रो इरीगेशन योजना को मंजूरी

सिंगरौली जिले के चितरंगी में 1320.14 करोड़ के माइक्रो इरीगेशन प्रोजेक्ट को मंजूरी कैबिनेट ने दी है। यहां 31.25 मेगावाट बिजली बनेगी। 18 से 24 महीने में यह योजना पूरी होगी। चितरंगी प्रेशराइज्ड पाइप माइक्रो इरीगेशन योजना है। चितरंगी और देवसर तहसील के 142 गांव में सिंचाई होगी। 32, 125 हेक्टेयर में सिंचाई हो (Mohan Cabinet) सकेगी।

ये भी पढ़ें: Train Cancel: भोपाल- हावड़ा एक्सप्रेस समेत 52 ट्रेनें निरस्त, 25 के रूट बदले

साइबर तहसील के लिए 25 अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर आएंगे

साइबर तहसील का विस्तार सभी जिलों में होगा। दो जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआत हुई थी। पूरे प्रदेश के तहसील संवर्ग के 619 पदों में से तहसीलदार संवर्ग के 10 पद, प्रतिनियुक्ति के लिए तय नायब तहसीलदार के 15 पदों समेत कुल 25 पदों को प्रमुख राजस्व आयुक्त कार्यालय के अंतर्गत साइबर तहसील में काम करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा लिपिकों और भृत्य पदों के लिए भी मंजूर (Mohan Cabinet) मिली है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article