CG Budget Session 2023 : सदन में CM और पूर्व CM के बीच बहस, गूंजा ट्रांसपोर्टेशन का मुद्दा

CG Budget Session 2023 : सदन में CM और पूर्व CM के बीच बहस, गूंजा ट्रांसपोर्टेशन का मुद्दा, Debate between CM and former CM in the House, the issue of transportation echoed

CG Budget Session 2023 : सदन में CM और पूर्व CM के बीच बहस, गूंजा ट्रांसपोर्टेशन का मुद्दा

रायपुर। CG Budget Session 2023 : विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन बुधवार को सदन में CM और पूर्व CM के बीच तीखी बहस हुई। दरअसल, ट्रांसपोर्टेशन के मुद्दे पर दोनों आमने-सामने रहे। सदन में रायगढ़ कोल ब्लॉक में ट्रांसपोर्टेशन के मुद्दे पर रमन सिंह ने रेट और टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जिसपर सीएम भूपेश बघेल ने जवाब दिया। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रश्नकाल में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से प्रश्न पूछा कि गारे पलमा कोल ब्लॉक रायगढ़ के कोल ट्रांसपोर्टेशन के रेट और टेंडर में गड़बड़ी हुई। ट्रांसपोर्टेशन के लिए दोगने दर पर टेंडर दिया गया। एसईसीएल का रेट है, उससे कहीं ज्यादा है। अतिरिक्त पैसा कहां जा रहा है?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जावब देते हुए कहा कि किलोमीटर के हिसाब से एसईसीएल खदान के भीतर ट्रांसपोर्टेशन के लिए रेट निर्धारित है। जब पिछली सरकार में टेंडर किया गया और नियम बनाया गया उसी समय ये कह दिया जाता कि गाईडलाईन के हिसाब से परिवहन होगा, लेकिन साल 2017 में तो आपने ऐसा किया नहीं। जब आप मुख्यमंत्री थे तब आपने जो नियम बनाया वहीं है। अलग-अलग खदानों के लिए अलग-अलग रेट आता है।

- रमन सिंह: कोल ट्रांसपोर्टिंग के लिए प्रति मैट्रिक टन 210 रुपए से ज्यादा की अतिरिक्त वसूली हुई है। करोड़ो की गड़बड़ी ट्रांसपोर्टिंग का रेट बढ़ाकर की गई। क्या टेंडर को निरस्त किया जाएगा?
- सीएम भूपेश बघेल : ये केमिकल लोचा है। एसईसीएल कब से चल रहा है और उसके नियम भी पहले से बने हुए हैं। अलग-अलग जगह का अलग-रेट है। दूरी के हिसाब से किलोमीटर तय होता है। आपने नियम बनाया रहता तो टेंडर क्यों निकलता।
- रमन सिंह : विधायकों की कमेटी से जांच हो।
- सीएम भूपेश बघेल : मैंने कहा न कि केमिकल लोचा है। 211 रुपए के रेट में परिवहन होता ही नहीं है। सारी शर्तें और नियम आपने बनाए हैं।
- रमन सिंह : जब इतना बड़ा मामला है तो जांच क्यों नहीं की गई। 232 रुपए के रेट में तैयार हो जाएंगे लोग, जबकि 466 रुपये के रेट में यहां टेंडर दिया गया।
- सीएम भूपेश बघेल : हमने टेंडर के जरिये रेट तय किया है। 8 कंपनियां शामिल हुई टेंडर में। 4 लोगों ने टेंडर भर है, जिसमें 2 पात्र पाए गए और 2 अपात्र। ऑनलाइन टेंडर जारी किया, देशभर के पत्र-पत्रिकाओं में टेंडर का प्रकाशन हुआ, फिर कहां गड़बड़ी हो गई? इनके मन में गड़बड़ी है तभी मैं कह रहा हूं केमिकल लोचा है। सारा काम पारदर्शी तरीके से हुआ है।
- रमन सिंह : मैं आपके चुनौती देता हूं कि 2012 के दर और अभी के दर पर खुली चर्चा करा लीजिए।
- सीएम भूपेश बघेल : पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, किसी तरह की जांच की जरूरत नहीं है।
- भाजपा विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि 675 में नई कंपनी को एमडीओ दिया गया है ट्रांसपोर्टेशन के लिए।
- सीएम ने कहा कि जबरदस्ती मामले को घुमाने की कोशिश की जा रही है।
सदन में जोरदार हंगामा होने के बाद पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक हुई। भाजपा विधायक सदन के विधायकों की जांच कमेटी से जांच कराने पर अड़े रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि बार-बार गड़बड़ी की बात करते हैं, इन्होंने खुद गड़बड़ी की है। इस बीच सदन में जोरदार हंगामे के बाद भाजपा ने वॉकआउट कर दिया।

ऐसे शुरू हुई थी छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही

- छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही नववर्ष की शुमकामनाओं के साथ शुरू हुई।
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक अनीता योगेंद्र शर्मा ने जल जीवन मिशन का मुद्दा उठाया। मंत्री रूद्र गुरु ने जवाब दिया।
- कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा ने सी मार्ट का मुद्दा उठाया। मंत्री रूद्र गुरु से जानकारी मांगी।
- कांग्रेस विधायक मोहित राम ने वन मंत्री से हाथियों से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछा।
- विधायक धर्मजीत सिंह ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी मांगी। मंत्री मोहम्मद अकबर ने जानकारी दी।
- विधायक अरुण वोरा ने विधानसभा में बिजली उपभोक्ता, बिजली बिल की राशि और सरकारी विभागों के साथ ही नगरीय निकायों पर बकाया बिजली बिल का मसला उठाया। जवाब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दिया।
- बीजेपी विधायक कृष्णमूर्ति बांधी ने विमानन विभाग में हुए व्यय का मामला उठाया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया।
- पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शून्यकाल में तेंदू पत्ता संग्राहकों का मुद्दा उठाया। तेंदूपत्ता संग्राहको के मांगों पर समस्याओं पर बीजेपी का स्थगन। बीजेपी के स्थगन प्रस्ताव को आसंदी ने किया अस्वीकार किया गया। विपक्ष की सदन में नारेबाजी हुई। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित हुई।
- अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

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