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नई दिल्ली। कोरोना वायरस ने पिछले साल से ही दुनिया में कोहराम मचाया हुआ है। लोग इस महामारी के कारण असमय दुनिया को छोड़ रहे हैं। हालांकि यह कोई पहली महामारी नहीं है जिसमें लोग इस तरह से हताहत हुए हैं। इससे पहले भी कई महामारियां आ चुकी हैं जिनमें लोगों की जानें जा चुकी है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे महामारी के बारे में बताएंगे जिसमें लोग नाचते-नाचते मर गए थे।
1518 में आई थी यह महामारी
इस महामारी को डांसिंग प्लेग (Dancing plague) कहा जाता है। यह महामारी साल 1518 में आई थी। कहा जाता है कि इस महामारी में तकरीबन 400 लोग बेमौत मारे गये थे। इस बीमारी का शिकार हुआ था फ्रांस। जहां लोग नाचते-नाचते मर गए थे। इस घटना को इतिहास की रहस्यमयी घटनाओं में से एक कहा जाता है जिसे आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है।
एक लड़की से शुरू हुई थी यह बीमारी
कहते हैं 500 साल पहले फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में एक युवा लड़की रहा करती थी। एक दिन अचानक ही उसके हाथ-पैर हिलने लगे और वो नाचने लगी। देखते ही देखते महिला नाचने में इतनी मग्न हो गई कि वो डांस करते-करते बाहर आ गई। उसे सड़क पर नाचता देख बाकी लोग भी इक्ठ्ठा हो गए और नाचने लगे। कुछ ही देर में नाचते-नाचते 34 लोग मर गए।
प्रतिदिन 15 लोगों की मौत
उस समय एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि फ्रांस में अचानक आई इस बीमारी से प्रतिदिन लगभग 15 लोग मारे जाने लगे थे। कई लोगों ने इस घटना को भूतों से जोड़कर देखा तो कई लोगों ने इसे महामारी घोषित कर दिया था। वहीं डॉक्टर इस बीमारी को मानसिक रोग से जोड़कर देख रहे थे। हालांकि आज तक यह कुछ साफ नहीं पाया है कि आखिर फ्रांस में ऐसा क्यों हुआ था।
विशेषज्ञ क्या मानते हैं
बतादें कि फ्रांस में हुई घटना का जिक्र जॉन वालर ने किया है। उन्होंने इस विषय पर कई जर्नल लेख और किताब 'ए टाइम टू डांस, ए टाइम टू डाई: द एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्टोरी ऑफ द डांसिंग प्लेग 1518' लिखी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उस समय लोगों द्वारा फफूंद या मनो-रासायनिक उत्पादों का सेवन किया गया होगा। इस कारण से लोगों के पैर अपने आप थिरकने लगे थे। इसके अलवा इसे मास हिस्टीरिया या जन मनोचिकित्सा बीमारी में होने वाले साइकोजेनिक मूवमेंट डिसऑर्डर का उदाहरण भी बताया गया है, जिसमें कई लोग अचानक एक ही तरह का विचित्र व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। महामारी पैटर्न में यह व्यवहार तेजी से और व्यापक रूप से फैलता है। जो उस समय फ्रांस में हुआ था।
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