MP के दमोह जिले में सनसनीखेज मामला: हैंडपंप के पानी में मिला जहर, ग्रामीणों में दहशत, ऐसे हुआ खुलासा

Damoh Poison Mixed in Borewell; मध्यप्रदेश के दमोह से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गांव के सार्वजनिक बोरवेल में किसी अज्ञात व्यक्ति ने जहर मिला दिया।

MP के दमोह जिले में सनसनीखेज मामला: हैंडपंप के पानी में मिला जहर, ग्रामीणों में दहशत, ऐसे हुआ खुलासा

Damoh Poison Mixed in Borewell: मध्यप्रदेश के दमोह से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां गांव के सार्वजनिक बोरवेल में किसी अज्ञात व्यक्ति ने जहर मिला दिया। बोरवेल पर लगे हैंडपंप का पानी पीने से चार लोग बेहोश हो गया। पूरा मामला दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक के गुबारा गांव का है।

गांव से सार्वजनिक बोरवेल में लगे हैंडपेप के पानी का इस्तेमाल लोग करते हैं। सुबह-सुबह लोग हैंडपंप में पानी लेने गए। गांव का रहने वाला युवक नीलेश ने पानी से कुल्ला किया और कुछ देर बाद बेहोश हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। घटना बुधवार सुबह की है। जानकारी के अनुसार, हैंडपंप का पानी पीने से चार लोग की तबीयत बिगड़ गई।

कैसे हुआ खुलासा?

सरपंच और गांव के लोगों हैंडपंप की जांच करने पहुंचे तो पानी के साथ सफेद झाग निकल रहा था और बदबू आ रही थी। वहीं, पास से एक जहरीली दवा की खाली शीशी मिली। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को इसकी जानकारी दी।

सरपंच प्रतिनिधि नोनेलाल अहिरवाल ने ग्रामीणों को हैंडपंप के पानी का इस्तेमाल करने से मना किया है। कलेक्टर के निर्देश पर पीएचई विभाग की टीम पानी की जांच कर रही है। पुलिस अज्ञात आरोपी की तलाश में जुट गई है।

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धर्मांतरण की आशंका, छापेमारी में 12 बच्चे मिले

दमोह के क्रिश्चियन कॉलोनी में मानवाधिकार आयोग की शिकायत पर पुलिस ने पीके शुक्ला के घर पर रेड मारी। पुलिस को उसके घर से 12 बच्चे मिले हैं। सभी नवजागृति स्कूल के छात्र हैं। आरोप है कि पीके शुक्ला बच्चों को अपने घर में रखकर ईसाई धर्म की शिक्षा दे रहे हैं।

मकान मालिक पर ईसाई धर्म की शिक्षा देने का आरोप

मकान मालिक पीके शुक्ला पर आरोप है कि वह बच्चों को अपने घर में रखकर ईसाई धर्म की शिक्षा दे रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि सभी बच्चे किराएदार हैं। उनके माता-पिता से किराया अनुबंध किया है। दो बच्चे मंडला, तीन छतरपुर और सात झाबुआ के रहने वाले हैं। इन बच्चों के रिश्तेदार राजपुर क्षेत्र में रहते हैं, जिन्होंने बच्चों की शिक्षा और रहने की व्यवस्था के लिए संपर्क किया था।

धर्मातरण के आरोपों पर पीके शुक्ला ने कहा, 'बच्चों के माता-पिता पहले से ही ईसाई हैं। ऐसे में धर्मांतरण का कोई प्रश्न नहीं उठता।' थाना प्रभारी आनंद राज ने कहा कि मानवाधिकार आयोग के पत्र के बाद कार्रवाई की गई। हम मामले की जांच कर रहे हैं।

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