दमोह उपचुनाव: जानिए कौन हैं कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन और उनकी क्या है खासियत

Damoh by-election

भोपाल। दमोह उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपना पत्ता साफ कर दिया है। यहां से अजय टंडन कांग्रेस के उम्मीदवार होंगे। हालांकि, पार्टी ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन सुत्रों की माने तो टंडन को कांग्रेस ने विधानसभा उपचुनाव के लिए फाइनल कर दिया है। आईए जानते हैं कौन हैं अजय टंडन।

टंडन के अलावा मनु मिश्रा भी थे रेस में

बता दें कि कांग्रेस के तरफ से उम्मीदवारी के लिए दो नाम सबसे आगे थे। एक पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा और दूसरा जिला अध्यक्ष अजय टंडन। इन दो नामों में से कांग्रेस आलाकमान ने अजय टंडन को फाइनल किया है।

कौन हैं टंडन

अजय सिंह टंडन पहले भी कांग्रेस की तरफ से दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि हर बार उन्हें भाजपा की तरफ से जयंत मलैया ने हराया है। टंडन ने अपना पहला विधानसभा चुनाव दमोह विधानसभा सीट से साल 1998 में लड़ा था। इस दौरान उन्हें 40485 वोट मिले थे। जबकि भाजपा की तरफ से प्रत्याशी रहे जयंत मलैया ने 45891 वोट लाए थे। इसके बाद टंडन को साल 2003 में कांग्रेस ने एक बार फिर उम्मीदवार बनाया। लेकिन फिर से मलैया ने उन्हें 12321 वोट से हरा दिया। इस चुनाव में अजय टंडन को 45386 वोट मिले थे जबकि जयंत मलैया को 57707 वोट मिले थे।

वर्तमान में टंडन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष है

टंडन वर्तमान में दमोह जिला कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में राहुल सिंह लोधी को कांग्रेस की तरफ से जिताने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। कांग्रेस आलाकमान ने टंडन के अनुभव को तवज्जों दी है और उन्हें तीसरी बार प्रत्याशी बनाया गया है।

दो साल पहले साथ थे, अब होंगे आमने-सामने

वहीं भाजपा ने इस सीट पर अपने कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री रहे जयंत मलैया से उपर कांग्रेस से आए राहुल सिंह लोधी को तरजीह दी है। कांग्रेस की तरफ से अजय टंडन के नाम की घोषणा के बाद अब यह चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। क्योंकि टंडन दो साल पहले तक जिसके साथ थे अब उन्हीं के सामने चुनाव लड़ेंगे।

दमोह की राजनीतिक गणित

कांग्रेस ने जैसे ही अजय टंडन को इस चुनाव में उम्मीदवार बनाया वैसे ही उनकी जीत की उम्मीद बढ़ गई है। क्योंकि कभी राहुल सिंह लोधी को जीताने में अजय टंडन की अहम भूमिका रही थी। इसके अलावा टंडन, आज तक जिनसे हारे हैं वो हैं जयंत मलैया। लेकिन कहा जाता है कि कई बार हारने के बाद भी मलैया परिवार से टंडन के अच्छे रिश्ते हैं। उधर भाजपा की तरफ से मलैया को टिकट न मिलने के कारण उनका सपोर्ट टंडन को जा सकता है। क्योंकि टिकट नहीं मिलने की स्थिती में मलैया परिवार की राजनीति हाशिये पर चली जाएगी। ऐसी स्थिति में, मलैया अपने वर्चस्व को बनाए रखने के लिए टंडन को समर्थन कर सकते हैं।

अजय टंडन के पिता भी रहे हैं दमोह से विधायक

अजय टंडन के दिवंगत पिता चंद्र नारायण टंडन भी दमोह विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय जिला कांग्रेस कमेटी के 10 सालों तक अध्यक्ष रहे हैं। इसके अलावा उनके चाचा प्रभु नारायण टंडन साल 1977 में सांसद रहे हैं। कुल मिलाकर कहें तो अजय टंडन भी खानदानी राजनेता हैं।

कांग्रेस ने जीतने के लिए माइक्रोमैनेजमेंट प्लान तैयार किया है

कांग्रेस पार्टी भी इस चुनाव को हर हाल में जितना चाहती है। इसके लिए उन्होंने माइक्रोमैनेजमेंट प्लान तैयार किया है। कांग्रेस के संगठन पदाधिकारियों ने दमोह में डेरा डाल दिया है। वहीं महिला मतदाता को अपने पक्ष में करने के लिए पार्टी ने हर वार्ड में 10 महिला कार्यतर्ताओं की टीम को तैनात किया है। ये महिलाएं बढ़ती महंगाई और 15 महीने की कमलनाथ सरकार की उपलब्धियां गिनाने का काम करेंगी।

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