Dadasaheb Phalke Award Ceremony : एमपी टूरिज्म बोर्ड एएमडी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने प्रदेश के फिल्म पर्यटन में निवेश पर दिया जोर

Dadasaheb Phalke Award Ceremony : एमपी टूरिज्म बोर्ड एएमडी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने प्रदेश के फिल्म पर्यटन में निवेश पर दिया जोर Dadasaheb Phalke Award Ceremony: Smt. Shilpa Gupta, MD, MP Tourism Board emphasized on investment in film tourism of the state.

Dadasaheb Phalke Award Ceremony : एमपी टूरिज्म बोर्ड एएमडी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने प्रदेश के फिल्म पर्यटन में निवेश पर दिया जोर

भोपाल। देश के सबसे पुराने फिल्म पुरस्कारों में से एक दादा साहेब फाल्के इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन मुंबई में 20 फरवरी को हुआ। बॉलीवुड की लोकप्रिय सेलेब्रिटीज की गरिमामय मौजूदगी में हुए इस समारोह में मध्यप्रदेश टूरिज्म ने भी सहभागिता की। मप्र टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध निदेशक श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने समारोह में अदाकारा कियारा आडवाणी को फिल्म 'शेरशाह' में उनकी भूमिका के लिए "क्रिटिक्स बेस्ट एक्ट्रेस" के रूप में और आयुष शर्मा को फिल्म 'अंतिम: द फाइनल ट्रुथ' में उनकी भूमिका के लिए "बेस्ट एक्टर इन नेगेटिव रोल" के रूप में सम्मानित किया। समारोह के बाद श्रीमती गुप्ता ने मीडिया और फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों को मध्यप्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। एएमडी श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने कहा कि मेरे प्रशासनिक कार्यकाल का बहुत छोटा सा समय फिल्मों से संबंधित कार्यों के साथ गुजरा है लेकिन इस छोटे समय में भी इस इंडस्ट्री की क्रिएटिव हार्ड वर्किंग और परफेक्शन वर्किंग स्टाइल ने मुझे बेहद प्रभावित किया है। अभी हाल ही में भोपाल में तिग्मांशु धूलिया की वेब सीरीज शूटिंग के दौरान इस्लामनगर हेरिटेज कोर्ट में उनके क्रिएटिव काम और परफेक्शन को नजदीक से देखा और पाया कि हर इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर को सिनेमा इंडस्ट्री से परफेक्शन और हार्ड वर्क से काम करना सीखना चाहिए। देश के सर्वाधिक हरे-भरे प्रदेश मध्यप्रदेश में आपकी कल्पनाओं को साकार करने के लिए सब कुछ है। चाहे वो 'गुल्लक' और 'पंचायत' की सीधी-साधी कहानी हो, चाहे 'पोनियन सेलवन' जैसे प्राचीन वैभव की कहानी हो, चाहे 'दबंग-3' का एक्शन हो, चाहे 'स्त्री' की हॉरर स्टोरी हो, हमारे यहां सभी तरह की कहानियों के लिए सभी तरह की लोकेशन मिलती हैं।

कई लोकेशन्स बन चुकी हैं आकर्षण का केंद्र

उन्होंने आगे बताया कि, प्रदेश के पचमढ़ी, ओंकारेश्वर, महेश्वर, चंदेरी, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, इंदौर, बुरहानपुर की लोकेशन्स फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी हैं। मध्यप्रदेश में फिल्मकारों के लिए सब्सिडी की नीति, विशेषकर वेब सीरीज और टीवी सीरियल्स को सहायता, सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम, एक डेडीकेटेड फिल्म सेल और इन सबसे अधिक महत्वपुर्ण मध्यप्रदेश के "अच्छे लोग" हैं, जो कि मध्य प्रदेश को फ़िल्म फ़्रेंडली स्टेट बनाते हैं।

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