MP Monsoon: साइक्लोनिक सकुर्लेशन डिस्टर्बेंस बिगाड़ेगा मानसून की चाल, MP में तीन दिन देरी से दे सकता है दस्तक!

MP Monsoon: साइक्लोनिक सकुर्लेशन डिस्टर्बेंस बिगाड़ेगा मानसून की चाल, MP में तीन दिन देरी से दे सकता है दस्तक!

MP Monsoon: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून एक्टिविटीज शुरू हो गईं हैं। हालांकि, प्रदेश के कई जिलों में अभी भी गर्मी से राहत नहीं मिली है। रविवार (9 May 24) को राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने के बावजूद भी गर्मी से राहत नहीं मिली। इसी बीच अब लोगों को मानसून का इंतजार है।

17-18 जून को मानसून की एंट्री

मौसम विभाग के मुताबिक एमपी में मानसून को आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है। रविवार को मानसून मुंबई में ऑनसेट हो गया है। अगले 2 दिन बाद अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की ब्रांच कमजोर हो जाएगी, जो के एक सप्ताह तक ऐसी ही बनी रहेगी।
आने वाली 17 और 18 जून को बंगाल की खाड़ी की ब्रांच एक्टिव होगी। इसके बाद मानसून MP में पहुंच सकता है। इससे पहले, मानसून के प्रदेश में आने की उम्मीद कम है।

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प्रदेश के इन जिलों से एटंर करेगा मानसून

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साउथ मप्र से मानसून की एंट्री हो सकती है। इस दौरान मालवा, बुरहानपुर से मानसून एंटर हो सकता है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तरी अरब सागर और महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है। मानसून की उत्तरी सीमा दहानू, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, निजामाबाद, सुकमा, मल्कानगिरी, विजयनगरम और इस्लामपुर से होकर गुजर रही है।

मानसून आने में क्यों हो सकती है देरी?

मौसम विभाग के मुताबिक मप्र में मानसून की एंट्री देरी से हो सकती है। इसकी वजह फेबरेबल सिस्टम बताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक साइक्लोनिक सकुर्लेशन डिस्टर्बेंस मानसून की चाल बिगाड़ सकता है।

बैतूल/धार में दर्ज सबसे कम न्यूनतम तापमान

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