Cyclone Biparjoy: बिना सुरक्षा के कवरेज ना करें मीडियाकर्मी, चक्रवात बिपरजॉय को लेकर जारी अपडेट

अपने कर्मचारियों को चक्रवात बिपारजॉय के कवरेज के लिए भेजते समय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतें।

Cyclone Biparjoy: बिना सुरक्षा के कवरेज ना करें मीडियाकर्मी, चक्रवात बिपरजॉय को लेकर जारी अपडेट

नई दिल्ली।  Cyclone Biparjoy केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को सभी मीडिया संस्थानों को निर्देश दिया कि वे अपने कर्मचारियों को चक्रवात बिपारजॉय के कवरेज के लिए भेजते समय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतें। चक्रवात बिपारजॉय बृहस्पतिवार सुबह गुजरात तट से 200 किलोमीटर से भी कम दूरी पर था।

मौसम विभाग ने जारी किए पूर्वानुमान 

मौसम विभाग ने चक्रवात के बृहस्पतिवार शाम तक गुजरात तट से टकराने और क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों से 74,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है।

मीडिया संस्थानों को जारी परामार्श में मंत्रालय ने कहा कि कई मीडिया कर्मी, खासकर सैटेलाइट टेलीविजन चैनल में कार्यरत कर्मी गुजरात में चक्रवात और उससे जुड़े अन्य घटनाक्रमों की कवरेज के लिए प्रभावित क्षेत्रों में होंगे।मंत्रालय ने कहा, “चक्रवात के संभावित असर को देखते हुए निजी सैटेलाइट टीवी चैनल सहित अन्य मीडिया संगठनों द्वारा इसकी कवरेज के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए संवाददाताओं, कैमरामैन और अन्य कर्मियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।”

दिशा निर्देशों का पालन करे मीडिया कर्मी

परामर्श में कहा गया है कि केंद्र सरकार इस बात को लेकर ‘बेहद चिंतित’ है कि इस तरह की ग्राउंड रिपोर्टिंग से संबंधित मीडिया कर्मियों की जान जोखिम में पड़ सकती है।इसमें कहा गया है, “विभिन्न मीडिया संस्थानों, खासकर निजी टीवी चैनल के संवाददाताओं, कैमरामैन और अन्य कर्मियों की सुरक्षा के लिहाज से, यह सलाह दी जाती है कि वे चक्रवात के प्रभाव वाले संभावित क्षेत्रों में अपने कर्मचारियों की तैनाती के मामले में अत्यधिक सावधानी बरतें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करें।’’परामर्श में आगाह किया गया है कि मीडिया संस्थानों को ‘किसी भी सूरत में’ अपने कर्मचारियों की ‘इस तरह से तैनाती का फैसला नहीं लेना चाहिए, जिससे उनकी सुरक्षा को कोई खतरा हो’।

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