Cyber Security Training: UGC का नया नियम, कॉलेजों में अब साइबर सेफ्टी की ट्रेनिंग अनिवार्य, नए सत्र से होगा बदलाव

नए शैक्षणिक सत्र से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को अब साइबर सिक्योरिटी की बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी। UGC के निर्देश पर स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम में “साइबर हाइजीन” पर विशेष सेशन अनिवार्य किया गया है।

Cyber Security Training: UGC का नया नियम, कॉलेजों में अब साइबर सेफ्टी की ट्रेनिंग अनिवार्य, नए सत्र से होगा बदलाव

हाइलाइट्स

  • कॉलेजों में छात्रों को दी जाएगी साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग।
  • संसद समिति की सिफारिश पर यूजीसी का बड़ा कदम।
  • यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को दिए निर्देश।

Cyber Security Training UGC Guidelines 2025: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए अब छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि वे नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों के स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम (दीक्षारंभ) में "साइबर हाइजीन" पर एक अनिवार्य सेशन जोड़ें। संसद समिति की सिफारिश पर यूजीसी ने यह कदम उठाया है। वहीं भोपाल के IEHE कॉलेज ने सत्र 2025-26 से इसे लागू करने की तैयारी शुरू की है।

छात्रों की डिजिटल सुरक्षा अब प्राथमिकता

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 'बेसिक्स ऑफ साइबर हाइजीन' नामक हैंडबुक जारी करते हुए सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज को निर्देश दिया है कि वे नए एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए साइबर सुरक्षा पर एक अनिवार्य सेशन आयोजित करें। यह सेशन दीक्षारंभ यानी स्टूडेंट इंडक्शन प्रोग्राम (Student Induction Program) का हिस्सा होगा।

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डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा जरूरी: UGC सचिव

UGC के सचिव प्रो. मनीष जोशी ने कहा कि जैसे-जैसे शिक्षा और कार्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो रहे हैं, वैसे-वैसे साइबर अपराधों से सुरक्षा और जागरूकता पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है। उन्होंने बताया कि संसद की स्थायी समिति ने भी गैर-तकनीकी पाठ्यक्रमों में साइबर शिक्षा को शामिल करने की सिफारिश की है, ताकि हर छात्र डिजिटल रूप से सशक्त और सतर्क बन सके। इस दिशा में भोपाल स्थित IEHE (इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन) सहित कई संस्थानों ने पहल करना शुरू कर दिया है।

यूजीसी ने सभी संस्थानों को दिए निर्देश

UGC ने देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे:

  • 'Basics of Cyber Hygiene' हैंडबुक को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करें।
  • इसकी सॉफ्ट कॉपी छात्रों, फैकल्टी और नॉन-टीचिंग स्टाफ को उपलब्ध कराएं।
  • सोशल मीडिया और कॉलेज कैंपस में प्रचार के माध्यम से छात्रों को जागरूक करें।
  • हैंडबुक से जुड़ी सभी जानकारी यूएएमपी पोर्टल पर गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से अपलोड करें।

इस पहल का उद्देश्य केवल सूचनात्मक नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से छात्रों को साइबर सुरक्षित बनाना है।

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हैंडबुक में मिलेंगी जरूरी टिप्स

UGC द्वारा जारी ‘बेसिक्स ऑफ साइबर हाइजीन’ हैंडबुक में छात्रों को ऑनलाइन सुरक्षित रहने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि:

  • मजबूत पासवर्ड कैसे बनाएं और उन्हें सुरक्षित कैसे रखें।
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन क्यों जरूरी है।
  • पब्लिक वाई-फाई से जुड़ने के खतरों से कैसे बचें।
  • संदिग्ध लिंक या अज्ञात स्रोतों से आई ईमेल पर क्लिक न करने की सावधानी।
  • फेक न्यूज, फिशिंग और ऑनलाइन फ्रॉड की पहचान और उनसे बचने के उपाय।

यह हैंडबुक खास तौर पर गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, ताकि वे डिजिटल दुनिया में सुरक्षित और जागरूक नागरिक बन सकें।

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भोपाल के कॉलेजों ने की शुरुआत

भोपाल स्थित IEHE (Institute for Excellence in Higher Education) जैसे कई कॉलेजों ने इसे लागू करना शुरू कर दिया है। IEHE डायरेक्टर डॉ. प्रज्ञेश अग्रवाल ने कहा कि सत्र 2025-26 से कॉलेज में साइबर सिक्योरिटी वर्कशॉप को अनिवार्य रूप से आयोजित किया जाएगा।

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