Cyber Alert: बैंकिंग ट्रांजेक्शन के दौरान नहीं मिल रहा ओटीपी, तो सावधान हैकर्स कर रहे डेटा चोरी

Cyber Alert: डिजिटलाइजेशन के इस दौर में अब ऑनलाइन फ्रॉड का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। हालांकि बैंकिंग ट्रांजेक्शन के दौरान हमें ओटीपी मिलता है, पर क्या हम ओटीपी के भरोसे सेफ हैं। तो आपको बता दें कि ऐसा बिलकुल भी नहीं है। क्योंकि साइबर क्राइम करने वालों ने अब ओटीपी के जरिए भी ठगी करना शुरू कर दिया है, कैसे आइए जानते हैं।

दरअसल, कई बार हम बैंकिंग ट्रांजेक्शन के दौरान ओटीपी नहीं आने की कंडीशन में उसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ओटीपी नहीं आ रहा है तो इसे आप बिलकुल भी नजरअंदाज ना करें क्योंकि ये धोखाधड़ी का संकेत है। जी हां, इस बारे में सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स ने साइबर फ्रॉड के नए हमले का पता लगाया है। सायबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि हैकर्स मोबाइल फोन से डेटा चुराने के लिए एसएमएस का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे धोखाधड़ी करते हैं साइबर क्रिमिनल

एक्टपर्ट्स ने बताया कि हैकर्स हमला करने के लिए व्यापारिक उद्देश्य के लिए भेजे जाने वाले मैसेज का इस्तेमाल करते हैं और यूजर का डेटा चोरी करने के लिए टेलीकॉम सर्विस की कमियों को अपना हथियार बनाते हैं। इतना ही नहीं इस तरह की धोखाधड़ी में सायबर क्रिमिनल फोन के मैसेज कर हैक करते हैं और उसके बाद मैसेज को किसी दूसरे मोबाइल पर डायवर्ट कर देते हैं। बता दें ये बिल्कुल कॉल डायवर्ट की तरह होता है। जिसमें मैसेज कंपनी द्वारा भेजा तो जाता है, लेकिन ग्राहकों तक पहुंचता नहीं है। बीच में ही हैकर मैसेज को पढ़ लेते हैं और ट्रांजेक्शन को अंजाम दे देते हैं।

कैसे लगा फ्रॉड का पता

दरअसल, इस फ्रॉड का पता तब लगा जब मदरबोर्ड के रिपोर्टर जोसेफ कॉक्स ने अपने प्राइवेट नबंर पर हैकर्स की गतिविधियों को पकड़ा उन्होंने पाया कि उनका नंबर किसी ने हैक कर लिया है। जोसेफ ने बताया कि हैकर्स सिर्फ 16 डॉलर (करीब 1,190 रुपए) का भुगतान कर सेवाओं तक पहुंच रहे हैं। हालांकि जोसेफ के केस में सेवा देने वाली कंपनी ने कहा कि उनके द्वारा इस गड़बड़ी को ठीक कर दिया गया है।

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