Cyanide Mallika: देश की पहली महिला सीरियल किलर की कहानी, जो मंदिर में अपना शिकार ढूंढती थी

Cyanide Mallika: देश की पहली महिला सीरियल किलर की कहानी, जो मंदिर में अपना शिकार ढूंढती थी Cyanide Mallika: The story of the country's first lady serial killer, who used to find her prey in the temple nkp

Cyanide Mallika: देश की पहली महिला सीरियल किलर की कहानी, जो मंदिर में अपना शिकार ढूंढती थी

Cyanide Mallika Story: देश में समय-समय पर कई ऐसे सीरियल किलर पकड़े गए हैं जिनके घिनौने अपराधों के बारे में जान कर रौंगटे खड़े हो जाते हैं। इन्हीं में से एक नाम है केडी केंपम्मा (KD Kempamma) उर्फ "सायनाइड मल्लिका" (Cyanide Mallika) की। इसके अपराधों ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इतिहास के पन्नों में इसे देश की पहली महिला सीरियल किलर के नाम से भी जाना जाता है जो अमीर बनने की चाहत में बेहद ही भयावह तरीके से हत्याओं को अंजाम दिया करती थी।

अमीर बनने की थी चाहत

केडी केम्पम्मा का जन्म कर्नाटक के एक गरीब परिवार में हुआ था। जब वह बड़ी हुई तो उसके माता-पिता ने उसकी शादी एक दर्जी से कर दी। मन में अमीर बनने की चाहत थी, लेकिन गरीबी ने यहां भी पीछा नहीं छोड़ा। शादी के बाद वह पैसे कमाने के लिए घरों में नौकरानी का काम करने लगी। लेकिन जल्द ही उस पर घरों में चोरी करने का आरोप लगा और साल 1997 में इस आरोप में उसे एक साल की जेल भी हुई।

पति ने घर से निकाल दिया था

जेल से बाहर आने के बाद उसके पति ने उसे घर से निकाल दिया। घर से निकाले जाने के बाद केमपम्मा ने एक चिट फंड कंपनी बनाई और घरों में काम करने वाली महिलाओं को जोड़कर उनसे पैसा लिया। कुछ ही समय बाद कंपनी बंद हो गई। अब उसे और पैसों के जरूरत थी इसलिए उसने अमीर महिलाओं को झांसे में लेना शुरू किया। इसके लिए उसने पास के ही एक मंदिर को अपना ठिकाना बनाया और अमीर घरों की महिलाओं को बताती कि वह पूजा-पाठ से हर समस्या का हल कर देती है। हालांकि, इस दौरान वो महिलाओं के सामने एक शर्त रखती कि अनुष्ठान के लिए पैसा लगेगा और उन्हें गहने सहित सज-धज कर आना होगा। साल 1999 में उसने बेंगलुरू की अमीर महिला ममता राजन को अपना पहला शिकार बनाया।

प्रसाद में सायनाइड की गोली देकर मार डाला

उसने महिला को एक सुनसान जगह पर ले जाकर आंख बंद करने को कहा और प्रसाद में सायनाइड की गोली देकर मार डाला। घटना के बाद केमपम्मा गहने व नकदी लेकर फरार हो गई। साल 1999 में उसने पांच महिलाओं को अपना शिकार बनाया। लेकिन, साल 2000 में एक बार फिर उस पर एक घर में चोरी का आरोप लगा। इस बार वह पूजा के नाम पर घर में घुसी थी। गहने चुराने के जुर्म में वो इस बार 6 महीने के लिए जेल गई। जेल से छूटने के बाद वह कुछ वर्षों तक गुमनाम रही।

पुलिस के भी होश उड़ गए

लेकिन साल 2006 में उसने एक बार फिर से नागवेणी नाम की एक अमीर महिला को अपने जाल में फंसाया और पुरानी तरकीब से ही इस महिला को भी मार डाला। इस बार पुलिस ने गहन जांच की। पुलिस की जांच में जैसे ही यह खबर आई कि महिला की मौत साइनाइड से हुई है, सभी के होश उड़ गए। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

2007 में किया गया गिरफ्तार

साल 2007 में इस मामले में केडी केम्पम्मा के खिलाफ सबूत मिले और उसे एक बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में पता चला कि उसने पिछले 8 साल में करीब 6 महिलाओं को अपने जाल में फंसाकर उनकी हत्या कर दी थी। साल 2012 में अदालत ने उसे सजा-ए-मौत की सजा सुनाई। हालांकि, बाद में इसे आजीवन कारावास में बदल दिया गया। वर्तमान में वो बेंगलुरू जेल में बंद है।

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