Cow Cabinet : प्रदेश में खोली जाएंगी 9 ​हजार गौशालाएं, फिर शुरू होगा गौसदन

भोपाल। राजधानी में गौ-कैबिनेट Cow Cabinet की बैठक खत्म हो गई है। बैठक में गौ उत्पादों का औषधि के उपयोग पर चर्चा हुई। इस दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गंभीरता के साथ गौ-वंश के संवर्धन-संरक्षण का काम किया जाएगा। सीएम ने कहा है सहभागी विभाग गौ संरक्षण में सक्रिय होंगे और गौ शालाओं को स्वावलंबी बनाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में गो-संरक्षण एवं गो-संवर्धन के लिए गठित की गई गो-कैबिनेट की पहली बैठक सुबह 11 बजे भोपाल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियो से बात की। इसके पश्चात सीएम शिवराज आगर-मालवा ज़िले के सालरिया गो-अभ्यारण्य जाकर वहां गो-पूजन कर वहां गो-संगोष्ठी में देशभर के गो-विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेंगे। इसके बाद सीएम शिवराज सालरिया पहुंचेंगे तथा वहां कार्यक्रम में भाग लेंगे।

 

समाज का सहयोग लिया जाएगा
बैठक में स्व सहायता समूहों को गौ शाला का संचालन किए जाने पर सहमति बनी साथ ही निर्णय लिया गया कि बड़ी संख्या में गौ शाला बनाई जाएगी और समाज का सहयोग लिया जाएगा। आगर-मालवा ज़िले के सालरिया अभ्यारण में गौ पशुपालन एवं अनुसंधान केंद्र बनेगा। नगरीय क्षेत्रो में निराश्रित गौ वंश के संरक्षण के लिए नगरीय निकायों को जोड़ा जाएगा। बैठक में बताया गया कि गौ वंश संवर्धन संरक्षण की दिशा में प्रदेश ने इतिहास रचा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना है जो इस दिशा में काम कर रहा।

 

म.प्र. के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘गौ कैबिनेट’ की बैठक में कहा कि पशुपालन विभागों के मंत्री और प्रिंसीपल सेक्रेटरी के साथ मिलकर एक मंत्री परिषद की समिति बनाई गई है जो गो संरक्षण-संवर्धन का काम करेगी। इसे केवल पशुपालन विभाग द्वारा नियंत्रित नहीं किया जा सकता।

गो-कैबिनेट की 4 प्रमुख बातें

  • प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गोधन का इस्तेमाल किया जाएगा। स्वाबलंबन के लिए गोमाता की अवधारणा को लागू करेंगे।
  • गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। गायों के गोबर और गोमूत्र का बेहतर उपयोग कैसेे करें, अधिकारी इस पर सुझाव लें और काम शुरू करें।
  • प्रदेश और देश में कई गोशालाएं, संस्थाएं इस दिशा में बेहतर काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्वसहायता समूहों को गोशालाओं का संचालन करने की सहमति दी।
  • प्रदेश में बड़ी संख्या में गोशालाएं बनाई जाएंगी और इसमें समाज का सहयोग लिया जाएगा। सिर्फ पशुपालन विभाग नहीं, बल्कि अन्य विभाग भी इस भूमिका को निभाएं।

मप्र में गायों की स्थिति
राज्य में करीब 1500 गौ-शालाएं
1.80 लाख गायों को रखा गया
पिछली सरकार ने बजट में प्रति गाय 20 रुपए का आवंटन किया था
पिछले वित्तीय वर्ष में पशुपालन विभाग का बजट 132 करोड़ रुपए
2020-21 में बजट 11 करोड़ रुपए हुआ

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