ई-वोटिंग पर सुनवाई के बाद टेंपलटन के यूनिटधारकों को धन वितरण पर निर्णय लेगा न्यायालय

भारत ने 2015-20 के दौरान व्यापार को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए: डब्ल्यूटीओ

नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह म्यूचुअल फंड की छह योजनाओं को खत्म करने की ई-वोटिंग प्रक्रिया पर मिली आपत्तियों की सुनवाई के बाद फ्रैंकलिन टेंपलटन के यूनिट-धारकों को धन वितरण पर फैसला करेगा।

न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कंपनी की छह म्यूचुअल फंड योजनाओं के समापन पर ई-वोटिंग पर आपत्तियां दर्ज करने के लिए तीन दिन का समय दिया।पीठ में न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन भी शामिल हैं।

फ्रैंकलिन टेंपलटन के वकील ने कहा पीठ से कहा कि यूनिटधारकों को धन वितरण की अनुमति के लिये एक आदेश पारित किया जाना चाहिये।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से कहा कि बाजार नियामक कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के खिलाफ है।

पीठ अगली सुनवायी 25 को करेगी।

फ्रैंकलिन टेंपलटन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम सभी छह योजनाओं में क्रमबद्ध रूप से समापन के पक्ष में मतदान करने के लिये अपने यूनिटधारकों के आभारी हैं। हम अपने निवेशकों और भागीदारों के समर्थन की सराहना करते हैं। हम 25 जनवरी 2021 को होने वाली अगली सुनवाई में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अधीन जल्द से जल्द निवेश आय का वितरण शुरू करने की उम्मीद करते हैं।’’

भाषा सुमन मनोहर

मनोहर

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article