अदालत ने ‘अवैध’ निर्माण मामले में सोनू सूद को राहत प्रदान की

मुंबई, 11 जनवरी (भाषा) बम्बई उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक दीवानी अदालत के उस आदेश को 13 जनवरी तक बढ़ा दिया जिसमें अभिनेता सोनू सूद को उपनगरीय जुहू स्थित एक आवासीय इमारत में उनके द्वारा बिना अनुमति के किये गए कथित अवैध ढांचागत परिवर्तनों के खिलाफ बीएमसी की ओर से किसी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया गया था।

सोनू सूद ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा उन्हें गत वर्ष अक्टूबर में जारी नोटिस और बीएमसी की कार्रवाई के खिलाफ उनके द्वारा दायर एक वाद को दिसंबर में एक दीवानी अदालत की ओर से खारिज किये जाने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया है।

दीवानी अदालत ने वाद खारिज करते हुए सूद को एक अपील दायर करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया था और अपना आदेश स्थगित कर दिया था जिससे अभिनेता को राहत मिली थी।

सोमवार को बीएमसी के वकील अनिक साखरे ने अभिनेता की याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा।

सूद के अधिवक्ता अमोघ सिंह ने तब अंतरिम संरक्षण का और बीएसमी को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वह कोई दंडात्मक कार्रवाई न करे।

न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने याचिका पर सुनवाई 13 जनवरी तक स्थगित करते हुए कहा, ‘‘निचली अदालत द्वारा पारित आदेश तब तक जारी रहेगा।’’

सूद के वकील सिंह ने उच्च न्यायालय को बताया कि अभिनेता ने छह मंजिला शक्ति सागर इमारत में कोई भी अवैध या अनधिकृत निर्माण नहीं किया है।

सिंह ने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता (सूद) ने छह मंजिला इमारत में ऐसा कोई बदलाव नहीं कराया है जिसके लिए बीएमसी की अनुमति जरूरी हो। अभी तक केवल वे ही बदलाव ही किए गए हैं जिसकी महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम के तहत अनुमति है।’’

बीएमसी के वकील साखरे ने हालांकि दलील दी कि याचिकाकर्ता आवासीय भवन को लाइसेंस प्राप्त किये बिना अवैध रूप से एक होटल में परिवर्तित कर रहे हैं।

साखरे ने कहा, ‘‘छह मंजिला आवासीय इमारत में 24 कमरों वाला एक होटल चलाया जा रहा है। बीएमसी ने संपत्ति पर दो बार विध्वंस की कार्रवाई की है … एक बार 2018 में और फिर फरवरी 2020 में लेकिन, फिर भी अवैध निर्माण जारी है।’’

उन्होंने कहा कि अब बीएमसी द्वारा पुलिस में एक शिकायत दर्ज करायी गई है।

न्यायमूर्ति चव्हाण ने तब सूद के वकील से पूछा कि क्या अभिनेता बिना लाइसेंस के इमारत में होटल संचालित कर रहे हैं।

न्यायमूर्ति चव्हाण ने कहा, ‘‘क्या आप बिना लाइसेंस के होटल का कारोबार कर रहे हैं? आपको अदालत बेदाग आना चाहिए। यदि नहीं, तो आपको इसके परिणाम भुगतने होंगे।’’

इस पर सिंह ने कहा कि सूद कोई होटल का व्यवसाय नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह ‘‘एक आवासीय होटल चला रहे हैं जिसमें फ्लैट लोगों को किराए पर दिए जाते हैं।’’

सूद की याचिका में अदालत से बीएमसी द्वारा जारी नोटिस को दरकिनार करने और उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं किये जाने के संबंध में अंतरिम राहत का अनुरोध किया गया है।

उल्लेखनीय है कि सूद ‘दबंग’, ‘जोधा-अकबर’ और ‘सिम्म्बा’ जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाते हैं और पिछले साल वह तब चर्चा में आए थे जब उन्होंने कोविड-19 के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद की थी।

भाषा. अमित वैभव

वैभव

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