ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (Oxford-AstraZeneca Vaccine): जनवरी अंत से शुरू हो सकता है टीकाकरण! वितरण पर पीएम मोदी कल करेंगे बैठक



ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन: जनवरी अंत से शुरू हो सकता है टीकाकरण! वितरण पर पीएम मोदी कल करेंगे बैठक

नई दिल्ली: पूरी दुनिया में जारी कोरोना वायरस के कोहराम के बीच भारत में वैक्सीन को लेकर फिर नई उम्मीद जाग उठी है। दरअसल राहत की खबर यह है कि, ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन (Oxford-AstraZeneca Vaccine) नए साल में यानी जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्ताह में भारतीयों को उपलब्ध हो सकती है। देश में वैक्सीन की खेप मिलने, टीकाकरण की शुरुआत और वैक्सीन के वितरण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा भी कर सकते हैं।

मुंख्यमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की बैठक
24 नवंबर को पीएम मोदी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित आठ राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। यह बैठक सुबह 10 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। दोपहर 12 बजे से बाकी बचे राज्यों के मुख्यमंत्री पीएम के साथ बैठक में शामिल होंगे। इसी बैठक में पीएम वैक्सीन के मुद्दे पर भी चर्चा कर सकते हैं।

सबसे पहले कोरोना योद्धाओं को लगेगा टीका
जानकारी के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को पहले चरण में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स (डॉक्टर्स, नर्स और नगरनिगम के कर्मचारियों) को दिया जाएगा।

इमरजेंसी उपयोग के लिए सीरम को मिल सकती है मंजूरी
केंद्र सरकार ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के इमरजेंसी उपयोग के लिए सीरम इंस्टिट्यूट (Serum Institute of India-SII) को मंजूरी दे सकती है। इसे ब्रिटेन में मंजूरी मिलते ही भारत सरकार भी एसआईआई को मंजूरी दे देगी।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार अधिक मात्रा में वैक्सीन खरीदेगी, ऐसे में सरकार की तरफ से कीमतों में भी समझौता किया गया है। दो शॉट वैक्सीन के लिए 500-600 रुपये देने होंगे। भारत में चार दवा कंपनियां अपने टीकों के क्लिनिकल ट्रायल के दूसरे या तीसरे चरण में हैं।

बता दें कि, देश में अब तक 91 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं। 1 लाख 33 हजार 738 मरीजों की जान जा चुकी है। दुनिया में अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा कोरोना के मरीज भारत में ही है। वहीं मौत के मामले में भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है।

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