सैन डिएगो पार्क में गोरिल्लों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि -



सैन डिएगो पार्क में गोरिल्लों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि

सैन डिएगो (अमेरिका), 12 जनवरी (एपी) सैन डिएगो जू सफारी पार्क में कई गोरिल्ले कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं जिसे अमेरिका में और संभवत: पूरी दुनिया में गोरिल्ला में इस संक्रमण का अब तक का पहला ज्ञात मामला माना जा रहा है।

पार्क की कार्यकारी निदेशक लीजा पीटरसन ने सोमवार को बताया कि पार्क में एक साथ रहने वाले आठ गोरिल्लों में संक्रमण का पता चला है और अन्य कई खांसी से पीड़ित हैं।

ऐसा लगता है कि पार्क की वन्यजीव देखभाल टीम के एक सदस्य से संक्रमण पशुओं में आया। सदस्य में संक्रमण का पता चला था लेकिन उनमें लक्षण नहीं थे और उन्होंने गोरिल्लों के आसपास से गुजरते हुए पूरे समय मास्क पहन रखा था।

यह पार्क कैलिफोर्निया में कोरोना वायरस के मामलों की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के तहत छह दिसंबर से जनता के लिए बंद है।

पीटरसन के मुताबिक पशु चिकित्सक गोरिल्लों पर करीब से नजर रख रहे हैं और वे पार्क में अपने पर्यावासों में ही रहेंगे। इस समय उन्हें विटामिन, तरल पदार्थ और खाद्य पदार्थ दिये जा रहे हैं लेकिन कोई विशेष उपचार नहीं किया जा रहा है।

पीटरसन ने बताया, ‘‘गोरिल्लों को केवल छाती में जकड़न और खांसी की शिकायत है।’’

एपी वैभव नरेश

नरेश

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सैन डिएगो पार्क में गोरिल्लों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि

सैन डिएगो (अमेरिका), 12 जनवरी (एपी) सैन डिएगो जू सफारी पार्क में कई गोरिल्ले कोरोना वायरस से संक्रमित मिले हैं जिसे अमेरिका में और संभवत: पूरी दुनिया में गोरिल्ला में इस संक्रमण का अब तक का पहला ज्ञात मामला माना जा रहा है।

पार्क की कार्यकारी निदेशक लीजा पीटरसन ने सोमवार को बताया कि पार्क में एक साथ रहने वाले आठ गोरिल्लों में संक्रमण का पता चला है और अन्य कई खांसी से पीड़ित हैं।

ऐसा लगता है कि पार्क की वन्यजीव देखभाल टीम के एक सदस्य से संक्रमण पशुओं में आया। सदस्य में संक्रमण का पता चला था लेकिन उनमें लक्षण नहीं थे और उन्होंने गोरिल्लों के आसपास से गुजरते हुए पूरे समय मास्क पहन रखा था।

यह पार्क कैलिफोर्निया में कोरोना वायरस के मामलों की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के तहत छह दिसंबर से जनता के लिए बंद है।

पीटरसन के मुताबिक पशु चिकित्सक गोरिल्लों पर करीब से नजर रख रहे हैं और वे पार्क में अपने पर्यावासों में ही रहेंगे। इस समय उन्हें विटामिन, तरल पदार्थ और खाद्य पदार्थ दिये जा रहे हैं लेकिन कोई विशेष उपचार नहीं किया जा रहा है।

पीटरसन ने बताया, ‘‘गोरिल्लों को केवल छाती में जकड़न और खांसी की शिकायत है।’’

एपी वैभव नरेश

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