कोरोना कर्फ्यू में मिल सकेंगी फल-सब्जी और किराना, हाईकोर्ट ने प्रशासन को कहा- जारी करें संशोधित आदेश

इंदौर: कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए प्रशासन ने 31 मई तक सख्त कोरोना कर्फ्यू के आदेश जारी किए हैं। जिसके बाद हाई कोर्ट ने सोमवार को नाराजगी जाहिर करते हुए इंदौर कलेक्टर को लोक हित को ध्यान में रखते हुए नए आदेश जारी करने को कहा है। चीफ जस्टिस मो. रफीक, जस्टिस अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने सुनवाई की है।

आदेश को याचिकाकर्ता चंचला गुप्ता की ओर से अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता चंचला गुप्ता ने बताया कि उनकी तरफ से अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने पैरवी की थी।

कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त लॉकडाउन को 20 मई को आदेश जारी किया था। उन्होंने अचानक से सबकुछ बंद कर दिया था। जिसके बाद अगले दिन लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा और सभी लोगों ने एक साथ इसका विरोध किया और प्रशासन से मांग की थी कि कुछ ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे छोटे व्यापारी, किराना, सब्जी वालों का काम चल सके। जब इंदौर में संक्रमण दर काफी थी, तो यह सबकुछ आंशिक रूप से चालू थीं। जब संक्रमण लगातार घट रहा है, तो ऐसे में 10 दिन के लॉकडाउन के आदेश उचित नहीं थे।

प्रशासन ने जारी किए थे ये आदेश 

– 20 मई को प्रशासन ने 28 तक सख्त कर्फ्यू लागू कर दिया था।
– किराना की थोक, रिटेल, ग्रॉसरी दुकानें 28 मई तक बंद ही रहेंगी।
– सियागंज, मारोठिया, मालवा मिल जैसे थोक बाजार नहीं खुलेंगे।
– फल-सब्जी के ठेले नहीं लगेंगे, चोइथराम समेत सभी मंडियां भी बंद।
– लोडिंग वाहन, सभी तरह के यात्री वाहन बंद।
– बिग बास्केट, ऑनडोर, बिग बाजार जैसी एजेंसी ही किराना, ग्रॉसरी की सुबह 6 से शाम 5 बजे तक होम डिलीवरी कर सकेंगी।
– दूध सुबह नौ बजे तक व शाम 5 से 7 मिलेगा।

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