रायपुर इस्कॉन टेम्पल में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह:12 साल में तैयार हुआ मंदिर, अब तक निर्माण पर 51 करोड़ खर्च, शिखर पर सोने के कलश

Raipur ISKCON Temple: रायपुर इस्कॉन टेम्पल की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह, 12 साल में तैयार हुआ मंदिर, अब तक निर्माण में 51 करोड़ खर्च

Raipur ISKCON Temple

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Raipur ISKCON Temple: रायपुर के टाटीबंध स्थित श्री राधा-रासबिहारी इस्कॉन मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह अनुष्ठानों के साथ चल रहा है। रायपुर में इस मंदिर को बनने में 12 साल लगे हैं। मंदिर में 13 शिखर बनाए गए हैं और हर शिखर पर सोने से बने कलश रखे गए हैं। 13 सोने के कलश का कुल वजन 1.25 किलो है। तीन दिनी प्राण-प्रतिष्ठा समारोह (Raipur ISKCON Temple) की शनिवार को शुरुआत हुई।

तीन दिन चलेगा प्राण-प्रतिष्ठा समारोह

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प्राण-प्रतिष्ठा समारोह (Raipur ISKCON Temple) में विदेश से भी मेहमान पहुंचे हैं। शनिवार को सुबह 4.30 बजे मंगल आरती के साथ समारोह की शुरुआत हुई। यह समारोह 3 दिन तक चलेगा जिसमें हवन, भजन समेत कई आयोजन होंगे। इसमें 19 अगस्त को सुबह 5 बजे भगवान के विग्रह को नए मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

समारोह में विदेशी मेहमान भी आए

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इस्कॉन मंदिर (Raipur ISKCON Temple) रायपुर के अध्यक्ष एचएच सिद्धार्थ स्वामी महाराज ने बताया कि हवन का कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चला। हवन के लिए कुल 21 कुंड बनाए गए। धार्मिक अनुष्ठान के बाद महाप्रसाद वितरण किया गया। सुबह से हरी नाम संकीर्तन चल रहा है। पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया है। इस आयोजन में जापान, अमेरिका और साउथ अफ्रीका से प्रतिनिधि रायपुर पहुंचे हैं। देश के सभी राज्यों से इस्कॉन के अध्यक्ष भी शामिल हुए है।

मंदिर निर्माण में 51 करोड़ रुपए खर्च

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इस श्रीराधा-रासबिहारी इस्कॉन मंदिर (Raipur ISKCON Temple) के निर्माण में 12 साल का समय लगा है। इस्कॉन मंदिर साल 2012 में बनना शुरू हुआ था। परिसर के लिए 2001 में सवा तीन एकड़ जमीन मिली थी। आज इसका विस्तार 10 एकड़ में हो चुका है। मंदिर के निर्माण में अब तक 51 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं। मंदिर परिसर में ही 64 कमरों का सुविधायुक्त गेस्ट-हाउस तैयार किया गया है।

शिखरों पर 13 स्वर्ण कलश, 1.25 किलो सोने में बने

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मंदिर में 13 शिखर हैं। इन सभी शिखरों पर स्वर्ण कलश लगा लगाए गए है। 1 किलो 250 ग्राम सोने से कलश का निर्माण किया गया है। 7 जुलाई को मुख्य शिखर पर स्वर्ण कलश, कपि-ध्वज और सुदर्शन चक्र की स्थापना की गई। बाकी के 12 कलश 16 अगस्त को स्थापित किए गए हैं।

दीवार और स्तंभों पर लगे सफेद संगमरमर

मंदिर (Raipur ISKCON Temple) के फर्श पर गुलाबी और सफेद रंग के पत्थर लगे हैं। दीवार और सभी स्तंभ सफेद संगमरमर से बने हैं। वहीं गार्डन को तैयार करने में लगभग डेढ़ करोड़ रुपए खर्च हुए। मंदिर के प्रवेश द्वार के ठीक सामने परिसर में गरूड़ स्तंभ बनाया गया है।

मंदिर में लगा 3100 किलो का झूमर

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इस्कॉन मंदिर (Raipur ISKCON Temple) में 3100 किलो का झूमर लगाया गया। ये क्रिस्टल और पीतल से तैयार किया गया है। इस 17 फीट ऊंचे झूमर की लागत 45 लाख रुपए है। फेस्टिवल कमेटी के उपाध्यक्ष शुभम सिंघल ने बताया कि प्रयागराज के शिव राम शुक्ला की टीम ने तीन लाख क्रिस्टल बीड्स को स्टील की तारों में पिरोकर 25 दिनों में बनाया है।

38 हजार वर्ग-फीट में वाटरप्रूफ पंडाल

इस आयोजन के लिए मंदिर (Raipur ISKCON Temple) परिसर में 38 हजार वर्गफीट का पंडाल बनाया गया है। यहां शाम 6.30 बजे से जयपुर के भारतीय कला संस्थान की ओर से श्रीकृष्ण नंदोत्सव का मंचन किया गया। वहीं 18 अगस्त को शाम 6.30 बजे से मुंबई के लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड की प्रस्तुति और 19 अगस्त को शाम 6.30 बजे से वृंदावन के माधवाज रॉक बैंड के कार्यक्रम होंगे।

18 अगस्त के कार्यक्रम

  • मंगल आरती सुबह 4.30 बजे
  • श्रृंगार आरती- 7.15 बजे
  • श्रीमद्-भागवत कथा- 8-9 बजे तक
  • हवन पूजा - 9 बजे
  • महाप्रसाद - दोपहर 1 बजे
  • कीर्तन व भजन - शाम 4.30 बजे से
  • प्रवचन (गौरांग प्रभु) - 5.30 बजे से
  • लीला द स्पिरिचुअल रॉक बैंड - 6.30 बजे से

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19 अगस्त के कार्यक्रम

  • मंगल आरती- सुबह 4.30 बजे
  • विग्रहों की नए मंदिर में स्थापना - 5 बजे
  • गुरु पूजा- 8-9 बजे तक
  • हवन पूजा - 9 बजे
  • महाप्रसाद - दोपहर 1 बजे
  • कीर्तन व भजन - शाम 4.30 बजे से
  • प्रवचन (अमोघ लीला प्रभु)- 5.30 बजे से
  • माधवाज रॉक बैंड - 6.30 बजे से

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