Congress Pol-kholo abhiyan : प्रदेश कांग्रेस का शुरू हुआ पोल खोलो अभियान, सरकार पर साधा जमकर निशाना

Congress Pol-kholo abhiyan : प्रदेश कांग्रेस का शुरू हुआ पोल खोलो अभियान, सरकार पर साधा जमकर निशानाCongress Pol-kholo abhiyan: State Congress's campaign has started, targeted fiercely at the government

Congress Pol-kholo abhiyan : प्रदेश कांग्रेस का शुरू हुआ पोल खोलो अभियान, सरकार पर साधा जमकर निशाना

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पोल खोलो अभियान की शुरूआत की है। इस अभियान के तहत कांग्रेस प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलने का काम करगी। इस अभियान की शुरूआत आज से कर दी गई है। वहीं अभियान के पहले दिन कांग्रेस द्वारा आदिवासियों के नाम पर की जा रही अनियमितताओं को मुद्दा बनाया गया। साथ ही कांग्रेस ने सरकार पर कई बड़े आरोप भी लगाए हैं। अभियान समिति के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सरकार के खाने के दांत और दिखाने के दांत अलग है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी जनजाति के कल्याण के लिए केंद्र से आने वाली योजनाओं और धन का दुरुपयोग जारी है। प्रदेश सरकार रोज आदिवासियों के कल्याण के लिए मर मिटने का दावा करती और टांट्या मामा के रूप में अवतार ले चुकने की कहानियां सुनाती है लेकिन आदिवासियों के कल्याण के लिए कोई काम नहीं कर रही है। समाज के विलुप्तप्राय समूहों के हित के पैसों का इस सरकार में गबन हो रहा है ।

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सरकार पर लगाए आरोप
पोल खोलों अभियान के तहत समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2016-17 में भारत शासन के जनजातीय मामले के मंत्रालय द्वारा ऑर्गेनिक फार्मिंग योजना के अंतर्गत ऐसे आदिवासी समाजों को जिन्हें रुपीवीटीजी यानी पार्टिकुलरली वल्नरेबल ट्राईबल ग्रुप कहा जाता उन्हें 20 करोड़ रूपये और बाकी आदिवासी समाज के लिए 54 करोड रुपए इस तरह कुल 74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे लेकिन दूसरे की थाली से खाना चुराने और लूट सको तो लूट योजना में लगी इस सरकार का प्रशासन को इससे कोई लेना-देना नहीं है। सरकार ने इसमें भी भारी भ्रष्टाचार गबन और घोटाला किया जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीवीटीजी ग्रुप में आदिवासी जनजाति के सहरिया, भारिया ,बैगा आदि समूह आते हैं इन समूहों को आवंटित पैसे में ब्राह्मण, तेली, कुर्मी ,लोहार आदि सामान्य वर्ग के हितग्राहियों के नाम पर पैसा निकाला गया है। जबकि ट्राइबल समूह के साथ धोखाधड़ी भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का यह मामला है।

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