इंदौर में हास्य कलाकार की गिरफ्तारी पर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी भिड़ंत

इंदौर (मध्यप्रदेश), पांच जनवरी (भाषा) भाजपा की एक स्थानीय विधायक के बेटे की शिकायत पर चार दिन पहले आनन-फानन की गई कार्रवाई में गुजरात के हास्य कलाकार मुनव्वर फारुकी को गिरफ्तार किए जाने को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को सवाल उठाए। राज्य के प्रमुख विपक्षी दल का आरोप है कि सत्तारूढ़ भाजपा निराधार मामलों को तूल देकर मार्च-अप्रैल में संभावित नगरीय निकाय चुनावों में वोटों का धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करना चाहती है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अमीनुल खान सूरी ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “भाजपा नगरीय निकाय चुनावों में अपने फायदे के लिए मतदाताओं को धार्मिक आधार पर बांटना चाहती है। इंदौर की भाजपा विधायक मालिनी लक्ष्मणसिंह गौड़ के बेटे एकलव्य के दबाव में फारुकी को गिरफ्तार किया जाना भाजपा की इसी साजिश का हिस्सा है।”

सूरी ने दावा किया कि फारुकी ने शहर के एक कैफे में एक जनवरी को आयोजित हास्य कार्यक्रम में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली कोई बात नहीं कही थी। उन्होंने आरोप लगाया, “पुलिस ने विधायक पुत्र की शिकायत पर निष्पक्ष जांच की जहमत उठाए बगैर युवा हास्य कलाकार पर संगीन प्रावधानों में आनन-फानन मामला दर्ज कर लिया और गजब की फुर्ती दिखाते हुए उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया।”

उधर, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा, “फारुकी की गिरफ्तारी का आगामी नगरीय निकाय चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन हास्य कार्यक्रम के नाम पर यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता कि कोई व्यक्ति अन्य समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत करता रहे और अनर्गल प्रलाप करता रहे।”

उन्होंने फारुकी पर हास्य प्रस्तुतियों में अक्सर “भड़काऊ” बातें कहने का आरोप लगाते हुए कहा कि इंदौर में उनके खिलाफ “लोकतांत्रिक तरीके से” विरोध दर्ज कराया गया है। शर्मा ने कहा, “अगर कांग्रेस को लगता है कि फारुकी के साथ कुछ गलत हुआ है, तो वह अदालत में उनका मुकदमा लड़े।”

स्थानीय भाजपा विधायक के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ ने फारुकी और हास्य कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े चार अन्य लोगों के खिलाफ तुकोगंज पुलिस थाने में एक जनवरी की रात मामला दर्ज कराया था। विधायक पुत्र का आरोप है कि इस कार्यक्रम में हिंदू देवी-देवताओं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गोधरा कांड को लेकर अभद्र टिप्पणियां की गई थीं।

चश्मदीदों के मुताबिक एकलव्य अपने साथियों के साथ बतौर दर्शक इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में जमकर हंगामा किया और कार्यक्रम रुकवाने के बाद फारुकी समेत पांच लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवादास्पद कार्यक्रम को लेकर पांचों लोगों को भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जान-बूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर कहे गए शब्द) और अन्य सम्बद्ध प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस कार्यक्रम के आयोजन में शामिल होने के आरोप में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।

भाषा हर्ष प्रशांत

प्रशांत

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