कश्मीर में मोर्टार फ्यूज बरामद होने से सुरक्षा बलों की चिंताएं बढ़ीं

श्रीनगर, 11 जनवरी (भाषा) उत्तर कश्मीर में दो हफ्ते पहले एक आतंकवादी से तीन प्वाइंट डिटोनेटिंग (पीडी) फ्यूज बरामद होने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि इसका इस्तेमाल पाकिस्तान की सेना 82 एमएम मोर्टार शेल में करती है। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों ने दी।

नए वर्ष की पूर्व संध्या पर बारामूला पुलिस ने एक वाहन से तीन पीडी बरामद किए। पुलिस को जब्त सामग्री के बारे में पता नहीं था इसलिए उसने इसे ‘‘अलग तरह का ग्रेनेड’’ करार दिया।

उन्होंने कहा कि बहरहाल, पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने सामग्री की जांच की और फिर उन्हें पता चला कि यह पीडी है जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान की फौज 82 एमएम मोर्टार शेल के लिए करती है।

अधिकारियों ने बताया कि सेना सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ इसकी रिपोर्ट साझा की गई जिसने मामले को काफी गंभीरता से लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि पीडी का इस्तेमाल परिष्कृत उपकरण विस्फोटक (आईईडी) के निर्माण में किया जाता है ताकि इसके प्रभाव को बढ़ाया जा सके। यह विस्फोटकों के काफी तेजी से फटने में सहयोग करता है या कई बार यह प्रभाव के तरीके में विलंब लाता है ताकि ज्यादा क्षति पहुंचाई जा सके।

आतंकवादी आसिफ गुल से ये पीडी बरामद किए गए जो द रेसिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) से जुड़ा हुआ है। यह फ्रंट प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है।

उसने कोयले से भरे बोरी के अंदर फ्यूज को छिपा रखा था।

गुल के खिलाफ 2015 से अब तक 29 मामले दर्ज किए गए हैं और वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के आबिद कयूम लोन के संपर्क में था, जो टीआरएफ का शीर्ष कमांडर माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि गुल ने उत्तर कश्मीर से यह खेप उठाई थी और दक्षिण कश्मीर में अपने कैडरों को देने जा रहा था।

यह पहला मामला है जब पुलिस ने मोर्टार फ्यूज बरामद किया है और अधिकारियों को आशंका है कि कुछ खेप का पता नहीं चल पाया है और घाटी में ये आतंकवादियों तक पहुंच चुके हैं।

भाषा नीरज नीरज माधव

माधव

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