Comment On PM Modi: युद्ध विराम को लेकर PM पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेस नेता पर दर्ज FIR रद्द करने से हाईकोर्ट का इनकार

Comment On PM Modi: किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव यादवेन्द्र पांडे के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। उन्होंने युद्ध विराम को लेकर पीएम पर टिप्पणी की थी।

Comment On PM Modi Case MP High Court refuses to quash FIR Farmer leader Yadavendra Pandey

हाइलाइट्स

  • युद्ध विराम को लेकर पीएम मोदी पर टिप्पणी
  • हाईकोर्ट का FIR रद्द करने से इनकार
  • किसान नेता यादवेन्द्र पांडे के खिलाफ FIR

Comment On PM Modi: पाकिस्तान से युद्ध विराम को लेकर फेसबुक अकाउंट पर प्रधानमंत्री पर टिप्पणी करने वाले किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव यादवेन्द्र पांडे के खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त करने से इनकार कर दिया। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने कहा कि इस मामले में अभियोजन द्वारा याचिकाकर्ता के खिलाफ पर्याप्त सामग्री एकत्र की गई है। मामले में जांच अभी भी लंबित है। साक्ष्य के संबंध में जो आधार उठाए गए हैं, उनका परीक्षण ट्रायल कोर्ट ही करेगी।

यादवेंद्र ने किया अभद्र भाषा का इस्तेमाल

शहडोल के रोकश कुशवाहा ने 13 मई 2025 को सिंहपुर पुलिस थाने में यादवेंद्र पांडे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप है कि यादवेंद्र पांडे ने अपने फेसबुक अकाउंट पर हास्यास्पद तस्वीरें पोस्ट की हैं और एक वीडियो वायरल किया है जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान के दबाव में आकर हमला/युद्ध वापस ले लिया है। इसके अलावा यादवेंद्र ने भारत के पीएम के खिलाफ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। एफआईआर निरस्त कराने की मांग को लेकर यादवेंद्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

FIR राजनीति से प्रेरित होने का तर्क

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि उसने अपने फेसबुक अकाउंट पर कोई वीडियो अपलोड या पोस्ट नहीं किया है और न ही भारतीय सेना को अपमानित करने वाला कोई भी शब्द कहा है। याचिकाकर्ता का किसी भी तरह से देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का कोई इरादा या मकसद नहीं है। याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

मामले की जांच लंबित

राज्य शासन की ओर से उपमहाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने कहा कि एफआईआर में पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है, जिससे पता चलता है कि याचिकाकर्ता कथित अपराध में प्रथम दृष्टया शामिल है। मामले की जांच लंबित है। पुलिस को मामले की जांच करने का अधिकार है और यदि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलता है, तो मामले में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सकती है।

ऐसी ही ताजा खबरों के लिए बंसल न्यूज से जुड़े रहें और हमें XFacebookWhatsAppInstagram पर फॉलो करें। हमारे यू-ट्यूब चैनल Bansal News MPCG को सब्सक्राइब करें।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासियों से कहा- सरकार की छवि बिगाड़ रहे अधिकारी, मामा आपके साथ

MP Govt Employees: सीहोर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान वन विभाग के अफसरों पर भड़क गए। उन्होंने कहा कि ये अफसर सब गड़बड़-सड़बड़ करते हैं। वन विभाग के अधिकारी सरकार की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article