CNG Tractor: सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, ट्रैक्टर में इस किट को लगाकर एक लाख रूपए की कर सकेंगे बचत

CNG Tractor

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नई दिल्ली। एक तरफ जहां दिल्ली की सीमाओं पर किसान तीन कृषी कानूनों का विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने किसानों को एक बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने CNG ट्रैक्टर को लॉन्च किया है। उन्होंने इस दौरान बताया कि किसान अब अपने पुराने ट्रैक्टर में भी CNG किट फिट करा सकेंगे। सरकार इसके लिए जल्दी ही विस्तृत जानकारी साझा करेगी।

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बचत ही बचत
बतादें कि, किसान खेती-बाड़ी के लिए जिस ट्रैक्टर का इस्तेमाल करते हैं। उसे अगर एक घंटा चलाया जाए तो कम से कम प्रति घंटे चार लीटर डीजल जरूर लगता है। इस वक्त दिल्ली में 79 रूपये प्रति लीटर डिजल है। इस अनुसार 316 रूपये लगता है। वहीं अगर अब आप सीएनजी ट्रैक्टर चलाएंगे तो 4 घंटे में आपको मात्र 180 रूपये खर्च करने पडेंगे। सरकार ने एक अनुमान के मुताबिक बताया है कि इससे किसानों को सालाना 1 लाख रूपये का फायदा होगा।

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स्टार्ट के समय डीजल का होगा उपयोग
सड़क परिवहन मंत्रालय ने सीएनजी ट्रैक्टर के लिए स्टैंडर्ड तय किए हैं। इन्हीं के अनुसार ट्रैक्टर बाजार में उपलब्ध होंगे। साथ ही अगर कोई किसान अपने ट्रैक्टर में सीएनजी किट लगवाना चाहे तो इसी स्टैंडर्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सीएनजी टैक्टर को लॉन्च करते हुए कहा कि टैक्टर को स्टार्ट करने के लिए शुरूआत में डीजल की जरूरत होगी। उसके बाद ये सीएनजी से चलेगा।

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किट को मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा
इस किट को मेक इन इंडिया के तहत बनाया जाएगा। साथ ही खेती किसानी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों को भी सीएनजी में कनवर्ट करने की तैयारी है। इस वक्त देश में 60 फीसद कारें, ट्रक, बस और ट्रैक्टर डीजल से चलते हैं। अगर उनमें से कुछ ही वाहनों को सीएनजी में कनवर्ट कर दिया जाए तो डीजल की खपत को कम किया जा सकता है। साथ ही प्रदूषण पर भी इससे रोक लगाई जा सकती है।

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पराली से बनेगा बायोसीएनजी
वहीं बायोसीएनजी को तैयार करने के लिए पराली की भी जरूरत पड़ेगी। 7 किलो पराली से 1 किलो बायोसीएनजी तैयार किया जाएगा। इससे किसान पराली जलाने की बजाय बायोसीएनजी बनाने के लिए दे सकते हैं। पराली से एक किलो सीएनजी बनाने के लिए करीब 15 रूपए प्रति किलो खर्च आएगा। वहीं अगर पराली से बने बायोसीएनजी को बाजार में खरीदा जाए तो इसकी लागत करीब 25 रूपये प्रति किलो आएगी। हालांकि अभी बायोसीएनजी बनाने पर काम चल रहा है यह तभी संभव हो पाएगा, जब इसका सफल प्ररिक्षण हो जाए और प्रयाप्त मात्रा में पराली से बायोसीएनजी बाजार में उपलब्ध होने लगे।

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