कर्मचारियों की सीएम से मांग: जनवरी से दिया 4% महंगाई भत्ता, अब जुलाई से भी 3% और लागू करे सरकार, ये बताई वजह

MP DA Hike Order: MP में 4 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने की सीएम ने घोषणा की है, पर कर्मचारी केंद्र के समान डीए की मांग कर रहे हैं।

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MP DA Hike Order: मोहन सरकार ने दिवाली से पहले कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा दे दिया है। 28 अक्टूबर, सोमवार को सीएम मोहन यादव ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 फीसदी का इजाफा करने की घोषणा की है।

इसके साथ ही मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को अब 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। महंगाई भत्ते की ये गणना जनवरी 2024 से की जाएगी। सरकार की इस घोषणा का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है, लेकिन महंगाई भत्ते को लेकर ही एक और मांग भी कर दी है।

DA में 3 फीसदी और इजाफे की आस

कर्मचारियों का महंगाई भत्ता यानी DA 46 फीसदी से बढ़कर 50 फीसदी हो गया है। हालांकि अब भी कर्मचारी संगठन इसमें 3 प्रतिशत की और बढ़ोत्तरी की मांग की है।

इसकी वजह ये है कि केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 53 फीसदी है। राज्य कर्मचारी भी केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं।

कर्मचारी संगठन की सरकार से ये मांग

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि हमारी मांग जनवरी 2024 से 4% एवं जुलाई 2024 से 3% यानी कुल 7% महंगाई भत्ता/ महंगाई राहत देने की है।

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सीएम ने केवल जनवरी 2024 से महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। कर्मचारी उसका स्वागत करते हैं, लेकिन जुलाई 2024 से भी 3% महंगाई भत्ता लागू किया जाए, जिस प्रकार से केंद्र सरकार एवं अन्य राज्यों ने किया है।

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3 प्रतिशत घाटे को इस तरह से समझें

मध्य प्रदेश में वर्तमान में 46 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। 53 फीसदी महंगाई भत्ता नहीं मिलने से होने वाले घाटे को शिक्षकों की सैलरी से समझा जा सकता है।

शिक्षक की श्रेणी बेसिक सैलरीपहले मिल रहा था  46% डीएअब हो गया 50% डीएडीए से सैलरी में इजाफा 53% डीए होता तब राशि53% डीए नहीं होने से सैलरी में घाटा
प्राथमिक25300 रुपये11638 रुपये12650 रुपये1012 रुपये13409 रुपये759 रुपये
माध्यमिक32800 रुपये15088 रुपये16400 रुपये1312 रुपये17384 रुपये984 रुपये
उच्च माध्यमिक36200 रुपये16652 रुपये18100 रुपये1448 रुपये19186 रुपये1086 रुपये

डीए 46 से बढ़कर 50 फीसदी हो जाने से जहां शिक्षकों की सैलरी में 1 हजार से लेकर 1500 रुपये तक का इजाफा होगा। वहीं केंद्रीय कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता 53 फीसदी नहीं होने से 759 से लेकर 1086 रुपये तक का हर महीना घाटा भी होगा।

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सैलरी में ये पड़ेगा प्रभाव

किसी भी कर्मचारी की सैलरी में मोटे तौर पर तीन पार्ट होते हैं। पहला बेसिक सैलरी, फिर डीए और उसके बाद होम एलाउंस यानी एचआरए। इसमें एचआर तो लगभग श्रेणी के हिसाब से कर्मचारी का फिक्स ही रहता है।

यही स्थिति बेसिक सैलरी की है। हालांकि हर छह महीने में महंगाई भत्ता यानी डीए में इजाफा होता है। इससे सीधे तौर पर सैलरी पर असर पड़ता है। हालांकि कई बार राज्य सरकारें हर 6 महीने में डीए में बढ़ोतरी न कर वित्तीय स्थिति के हिसाब से इसकी घोषणा करती है और फिर उस हिसाब से एरियर्स का निर्धारण होता है।

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