MP राज्य कर्मचारी संघ समारोह: सीएम मोहन यादव का अभिनंदन, मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य बीमा की मांग को स्वीकारा

Bhopal News: MP राज्य कर्मचारी संघ समारोह: तबादला नीति, कर्मचारियों और पुलिस विभाग की भर्ती पर क्या बोले सीएम मोहन यादव? CM Mohan Yadav Abhinandan MP Rajya Karmachari Sangh Bhopal transfer policy Hindi News bps

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Bhopal News: मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग को स्वीकार किया है। इसका 10 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा संघ की अन्य मांगों पर मुख्यमंत्री ने समिति बनाकर निपटाने की बात कही है। सीएम ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और सरकार अलग-अलग नहीं हैं। दोनों व्यवस्था का हिस्सा हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में सीएम मोहन यादव का मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ ने रविवार, 18 मई को रविंद्र भवन में अभिनंदन किया।

यहां बता दें, प्रदेश में 5 लाख 89 हजार सरकारी कर्मचारी और 4 लाख 90 हजार पेंशनर्स को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा।

ट्रांसफर को लेकर मुख्यमंत्री ने यह कहा

ट्रांसफर नीति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि- हमें सरकार की व्यवस्था में सुव्यवस्था स्थापित करना है। मैं हमेशा कर्मचारी हितैषी निर्णय लूंगा। ट्रांसफर नीति का भी समय आता है, गर्मी की छुट्टी में बच्चों की भी छुट्टी होती है। इसलिए तबादलों के लिए ये समय चुना गया है। हमारी सरकार सारे पदों को भरने का अभियान चला रही है। पुलिस विभाग में सारे पद भरे गए हैं और नए पदों पर भी प्रक्रिया चल रही है। सभी विभागों में हर साल बिना संकोच के भर्ती होनी चाहिए। हमारी ये कोशिश है कि ये प्रक्रिया निरंतर चलती रहे।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी, मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव तथा महामंत्री जितेंद्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

सीएम ने स्वास्थ्य बीमा योजना की मांग को स्वीकारा

सीएम यादव ने कर्मचारी संघ की ओर से कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ प्रदान करने की मांग स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने केंद्र सरकार का अनुसरण करते हुए प्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता केंद्र के समान करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही 9 वर्षों से लंबित हाउस रेंट अलाउंस की मांग को भी पूरा किया गया है। इसके साथ ही अधिकारियों- कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुविधा को देखते हुए प्रदेश में स्थानांतरण नीति का क्रियान्वयन किया गया है।

कर्मचारियों की मांगें क्रमबद्ध रूप से निपटाएंगे- मुख्यमंत्री

सीएम ने कहा, राज्य सरकार ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान का वादा किया था। क्रमबद्ध रूप से सभी समस्याओं का निराकरण किया गया है। रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विशेष अभियान संचालित हैं। पुलिस में सभी पद भरे गए हैं। इसके साथ ही सभी 55 जिलों में बैंड की पुलिस बैंड की स्वीकृति प्रदान की गई है। रिक्त हुए पदों को प्रतिवर्ष लोक सेवा आयोग की परीक्षा आयोजित कर भरने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा रही है। शासकीय कर्मचारियों की सुविधा के लिए शासकीय आवास की व्यवस्था प्राथमिकता पर की जा रही है। प्रदेश में लोक परिवहन के लिए बस सेवा भी आरंभ होने जा रही है

सीएम ने यह भी कहा...

  • कर्मचारी हितैषी निर्णय लेना का काम करता रहूंगा।
  •  व्यवस्थाओं में सुव्यवस्था स्थापित करना है।
  •  कर्मचारियों को बताया सच्चा कर्मचारी।
  • शासन के निर्णय को लागू कराने में कर्मचारियों की अहम भूमिका है।
  • नौ साल से लटके एचआरए के लिए ज्ञापन देने नहीं आना पड़ा, और बढ़ा दिया।
  • डबल इंजन का मतलब एक साथ चलना है। जब वो तेजी से चलेगा तो हमें भी उसी के साथ चलना पड़ेगा।
  • ट्रांसफर नीति पर कहा, जब सबको सुविधा हो जाए...आने-जाने में परेशानी ना हो। इसलिए गर्मियों की छुट्टियों का इंतजार करना पड़ा। हालांकि, इस इंतजार के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। एक महीने का समय लेकर ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की।

[caption id="attachment_820337" align="alignnone" width="857"]publive-image रविंद्र भवन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में संबोधित करते सीएम डॉ. मोहन यादव।[/caption]

  • ट्रांसफर नीति में पति-पत्नी के एक जगह रहने की व्यवस्था की है। उसमें किसी को कोई परेशानी नहीं है।
  • मेरा अभिनंदन अच्छे संकल्प का अभिनंदन बताया।
  • हम और आप (सरकार और कर्मचारी) अलग-अलग नहीं हैं। दोनों व्यवस्थाओं के हिस्से हैं।
  • संकल्प 2023 ( BJP) को अक्षरश: नीचे तक उतारने का प्रयास करेंगे। इसमें कोई संदेह नहीं है।
  • मैं एक तरह से मजदूर संघ का ही काम कर रहा हूं। जब उद्योग धंधे बढ़ जाएंगे तो रोजगार मिलेगा, काम भी मिलेगा।
  • रोजगार का मतलब केवल सरकारी नौकरी नहीं है, लेकिन सरकारी नौकरी के जो पद रिक्त हैं, वे भी भरे जाने चाहिए। वो भी खाली नहीं रखना। इसलिए सभी तरह के पदों को भरने का काम चलाया है।
  • भर्ती प्रक्रिया की कठिनाई को आसान बना रहे हैं। जैसे पुलिस विभाग की भर्ती में लगभग सारे पद भर दिए हैं और नए पद निकालने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। पुलिस में बैंड के पद खत्म होते चले गए थे, लेकिन अब पुलिस बैंड के पद सभी जगह निकाले जा रहे हैं।
  •  पुरानी सरकार (कांग्रेस) ने पीएससी से भर्ती कराई ही नहीं। अभी 20 साल से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है। पहले विक्रम वर्मा (तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री), जयभान सिंह पवैया (तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री) और शिक्षा मंत्री रहते मैंने पीएससी से भर्ती कराई थी।
  • पीएससी से भर्ती हर साल होना चाहिए। इधर पद खाली हों और उधर भर्ती शुरू हो जाए। यह चक्र चलता रहना चाहिए। हर विभागों के लिए यह प्रक्रिया चलना चाहिए।
  • एक बार की परीक्षा से ही सभी पदों के लिए एग्जाम कराने का निर्णय लिया है। सभी प्रकार के पदों के लिए यह सुचारु व्यवस्था करनी है।
  •  दूरस्थ जिलों में पदस्थ सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर ही आवास बनाने का निर्णय लिया है।
  •  मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा शुरू करने वाले हैं।
  •  कर्मचारियों की स्वास्थ्य बीमा पर सीएम ने कहा, सबका बीमा कराएंगे। किसी को नहीं छोड़ेंगे।

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स्वास्थ्य बीमा और कर्मचारी आयोग बनाने की मांग

अभिनंदन पहले मप्र राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव के सामने संगठन के कर्मचारियों की समस्याएं एवं मांगें रखीं। जिसमें कर्मचारियों का स्वास्थ्य बीमा कराने और कर्मचारी आयोग बनाने की मांग प्रमुख थी। संघ के महामंत्री ने कहा, कर्मचारी आयोग की जरूरत है। कर्मचारियों के लिए कोई ऐसा मंच नहीं है जहां कर्मचारी अपनी समस्याएं बता सकें। यदि आयोग बनता है तो कर्मचारियों की बहुत सारी समस्याओं को निराकरण हो सकेगा।

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