CM एक्सीलेंस अवॉर्ड: MP के 14 अफसरों, शिक्षकों को मिलेगा पुरस्कार, जानें इस लिस्ट में कौन-कौन शामिल

MP Excellence Aaward 2022-23: मप्र सरकार ने 14 अफसरों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार देने का ऐलान किया है। हर विजेता को 1 लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र मिलेगा।

MP Excellence Aaward 2022-23

MP Excellence Aaward 2022-23: मप्र सरकार की ओर से 14 अफसरों, शिक्षकों और कर्मचारियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार (Excellence Award) से नवाजा जाएगा। यह साल 2022-23 का सीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड है। इस पुरस्कार के विजेताओं को एक-एक लाख रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र दिए जाएंगे।

किस इनोवेशन के लिए किसे मिलेगा पुरस्कार

1650 सरकारी स्कूलों को पब्लिक की मदद से बनाया स्मार्ट

[caption id="attachment_798510" align="alignnone" width="880"]publive-image स्मार्ट टीवी के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते देवास कलेक्टर ऋषभ गुप्ता।[/caption]

देवास के कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने जिले के 1650 प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में जन सहयोग से स्मार्ट टीवी स्थापित किए। स्मार्ट क्लास के लिए एक पाठ्यक्रम तैयार किया गया, जिसमें हर कक्षा, अध्याय और विषय के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद, जन सहयोग से हर स्मार्ट क्लास रूम में तिरपाल बिछाई गई ताकि बारिश के दौरान कक्षाएं प्रभावित न हों। चोरी से बचाव के लिए क्लास के दरवाजों पर ग्राम पंचायत से दो ताले भी लगाए गए।

सरकारी मदद के बिना 5 करोड़ के स्मार्ट टीवी स्कूलों में लगवाए

[caption id="attachment_798519" align="alignnone" width="906"]publive-image सीहोर के तत्कालीन कलेक्टर प्रवीण सिंह एक सरकारी स्कूल में स्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ाते हुए।[/caption]

प्रवीण सिंह अढ़ायच ने सीहोर कलेक्टर के रूप में जिले के 1552 स्कूलों में बिना किसी सरकारी सहायता के स्मार्ट टीवी लगवाए। इस परियोजना पर लगभग 5.5 करोड़ रुपए खर्च हुए, जिसमें सरकार से एक भी रुपए की मदद नहीं ली गई, बल्कि जनसहयोग से यह संभव हुआ। सीहोर जिले में मुख्यमंत्री अध्ययन केन्द्र की स्थापना कर 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए कक्षाएं शुरू की गईं। छात्रों को A, B, C, और D चार श्रेणियों में बांटा गया, जिसमें C और D श्रेणी के कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान दिया गया। इस प्रयास के परिणामस्वरूप, सीहोर जिले के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणामों में 10 प्रतिशत का सुधार देखने को मिला।

बिजली के सिस्टम को ऑनलाइन किया

गणेश शंकर मिश्रा- विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक गणेश शंकर मिश्रा ने कर्मचारियों के लिए केंद्रीयकृत और रीयल टाइम निगरानी के उद्देश्य से तकनीक का उपयोग सुनिश्चित किया। प्रोजेक्ट प्रबंधन से लेकर लाइन प्रबंधन तक, जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के लिए एक इंटीग्रेटेड पोर्टल विकसित किया गया।

फेशियल रिकग्निशन के जरिए अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की गई ताकि सभी लोग अपने-अपने स्थान पर मौजूद रहें। सभी को मोबाइल एप के जरिए काम सौंपा जाता है। कॉल सेंटर में भी बदलाव किए गए हैं। भारत सरकार की आरडीएसएस स्कीम के तहत पूरा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है, जिससे ठेकेदारों को किसी के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ती। टीम के सदस्यों ने इस काम में काफी मेहनत की। इस पहल का विजन तत्कालीन प्रमुख सचिव संजय दुबे का था, जिसे तीनों डिस्कॉम ने सफलतापूर्वक लागू किया।

परीक्षा की तैयारी के लिए वीडियो बनाए गए

[caption id="attachment_798530" align="alignnone" width="865"]publive-image स्कूल में स्टूडेंट्स को परीक्षा की तैयारी के टिप्स देती आईएएस शीला दाहिमा।[/caption]

शीला दाहिमा ने प्रेरणादायक वीडियो के माध्यम से छात्रों को परीक्षा की तैयारी में मदद की। माध्यमिक शिक्षा मंडल की अतिरिक्त सचिव शीला दाहिमा ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए मोटिवेशनल वीडियो बनाकर उन्हें यू-ट्यूब और माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर अपलोड किया है। इससे छात्रों को परीक्षा की तैयारी में काफी सहारा मिला है। वे जब चाहें, कहीं से भी अपने विषय से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

एक दिन में एक करोड़ डिजिटल आयुष्मान कार्ड बांटे

[caption id="attachment_798533" align="alignnone" width="867"]publive-image आईएएस अदिति गर्ग।[/caption]

अदिति गर्ग (आईएएस)- आयुष्मान भारत निरामयम मप्र की सीईओ के रूप में प्रदेश में आयुष्मान कार्ड बनाने का एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में किए गए नवाचार के लिए उन्हें अवॉर्ड मिलने जा रहा है। सीईओ के तौर पर, आयुष्मान योजना के कार्ड बनाने और इसके कार्यान्वयन में उन्होंने लगातार दो साल तक नंबर वन रैंक हासिल की। एक ही दिन में एक करोड़ डिजिटल कार्ड बांटे गए थे। इस मॉडल को कई अन्य राज्यों ने भी अपनाया।

शिक्षक ने स्कूल में तैयार की विज्ञान की दीवार 

[caption id="attachment_798536" align="alignnone" width="848"]publive-image शिक्षक माधव प्रसाद पटेल।[/caption]

दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक की शासकीय नवीन माध्यमिक शाला लिधौरा में कार्यरत शिक्षक माधव प्रसाद पटेल ने विज्ञान की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक विज्ञान दीवार बनाई है। इस दीवार पर छात्र अपनी जिज्ञासाएं और सवाल लिख सकते हैं, जिनके उत्तर शिक्षक द्वारा दिए जाते हैं। इसके अलावा, माधव पटेल छात्रों को अखबार में संज्ञा, सर्वनाम और विरोधी शब्द खोजने के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई शिक्षक पुरस्कार मिल चुके हैं।

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इन्हें भी मिलेगा अवॉर्ड

  • इंदिरा दांगी, सहायक प्राध्यापक- हिंदी शिक्षण पद्धति से छात्रों की पढ़ाई के प्रति रुचि जाग्रत करने के लिए।
  • शारदा डुडवे, माध्यमिक शिक्षक- छात्र-छात्राओं को स्कूली जीवन में आत्मनिर्भर बनाना।
  • संजय जोशी, प्रबंधक अधिभार संरक्षण उपकरण का डिजाइन एवं विकास।
  • अमित तोमर, प्रबंध संचालक सेंट्रल इनवॉइसिंग और बिलिंग का सॉल्यूशन का विकास।
  • आलोक पौराणिक, प्राथमिक शिक्षक- डिजिटल स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाने का प्रयास।
  • डॉ. यशपाल सिंह, प्राचार्य- शिक्षा के माध्यम से सर्वांगीण विकास।
  • दिव्यांक सिंह, सीईओ, ग्रीन बॉण्ड के पब्लिक इश्यू।

MP Constable Transfer: मध्यप्रदेश पुलिस में 343 आरक्षकों के तबादले, PHQ ने सूची जारी की

MP Constable Transfer: मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल ने गुरुवार, 17 अप्रैल को काॅन्स्टेबल के थोकबंद ट्रांसफर आदेश जारी किए। इसमें 343 आरक्षकों को एक जिले से दूसरे जिले में भेजा गया है। सभी तबादले कॉन्स्टेबल के स्वयं के खर्ज पर किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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