मार्च में होगा राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किश्त का भुगतान, मई में खरीफ मौसम की किश्त

रायपुर: सीएम भूपेश बघेल ने आज जशुपर जिले के ग्राम गम्हरिया के धान खरीदी केन्द्र में किसानों के साथ चर्चा में कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी और अंतिम किस्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही माह मार्च में किया जाएगा। उन्होंने किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्तra राशि की पहली किश्त आगामी मई में दी जाएगी।

सीएम ने वहां 10 गांवों के 15 किसानों से चर्चा कर धान खरीदी की व्यवस्था और भुगतान की जानकारी ली। किसानों ने धान खरीदी की व्यवस्था को दुरूस्त बताते हुए मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके द्वारा गम्हरिया धान खरीदी केंद्र में दो दिन पहले बेचे गए धान का भुगतान हो गया है। वहां मौजूद ग्राम साईटांगरटोली के किसान श्री खैरूद्दीन ने बताया कि उन्हें दो-तीन दिन पहले चालू खरीफ मौसम के बेचे गए धान के लिए एक लाख 20 हजार रूपए का भुगतान प्राप्त हुआ है। गम्हरिया धान खरीदी केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष धान खरीदी के शुरुआती चार दिनों में ही वहां 21 किसानों से 974 क्विंटल धान की खरीदी कर ली गई है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धान खरीदी केन्द्र गम्हरिया में उपस्थित जशपुर जिले के किनकेला, पुत्रीचौरा, लुईकोना, सारुडीह, पथराटोली, साईटांगरटोली, पोड़ी, गलोंडा, पैकू और टिकैतगंज गांव के किसानों ने बताया कि उन्हें राजीव किसान न्याय योजना के तहत सरकार द्वारा दी गई राशि की तीन किस्तें मिल चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी चौथी और अंतिम किश्त का भुगतान चालू वित्तीय वर्ष में ही मार्च में किया जाएगा। उन्होंने किसानों को बताया कि वर्तमान खरीफ मौसम में खरीदे जा रहे धान के लिए राजीव किसान न्याय योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राशि की पहली किश्त मई में दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती-किसानी के साथ ही उनके घर-परिवार के बारे में भी बात की। साथ ही किसानों के आग्रह पर उनके साथ सामूहिक फोटो भी खिंचवाया। इस मौके पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, संसदीय सचिव चिंतामणि महराज, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, विधायक विनय भगत, सरगुजा संभाग की आयुक्त जिनेविवा किंडो और जशपुर के कलेक्टर महादेव कावरे भी मौजूद रहे।

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