Childrens Heavy School Bag : बाल आयोग की बड़ी कार्रवाई, तय वजन से अधिक बैग होने पर स्कूल संचालकों को नोटिस, ये स्कूल हैं शामिल

Childrens Heavy School Bag : बाल आयोग की बड़ी कार्रवाई, तय वजन से अधिक बैग होने पर स्कूल संचालकों को नोटिस, ये स्कूल हैं शामिल

भोपाल। स्कूलों में बच्चों के बैग Childrens Heavy School Bag Big Braking के वजन को लेकर बाल आयोग एक्शन में आ गया है। आपको बता दें mp big breaking शनिवार सुबह करीब 11 बजे शहर के नामचीन निजि संस्थानों में बाल आयोग की टीम जांच करने पहुंची। जहां स्कूल बैग का वजन तय वजन से अधिक पाया गया है। इसे लेकर स्कूल संचालकों को नोटिस भी दिया गया है। इसमें शहर के एरेरा कॉलोनी स्थित मिशनरी स्कूल के साथ कई स्कूल शामिल हैं।

तय वजन से दोगुने निकले स्कूल बैग, इन स्कूलों को नोटिस जारी
शनिवार सुबह एरेरा कॉलोनी स्थित सेंट जोसेफ स्कूल की कक्षा 6 वीं में बाल आयोग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जहां बच्चों के बैग के वजन किए गए। जहां वे बैग तय वजन से दोगुने वजन के पाए गए। आपको बता दें बैग पॉलिसी 2020 के अनुसार कक्षा 8 वीं तक के बच्चों के बस्ते का वजन 5 किलों से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि टिफिन और वॉटल हटाने के बाद भी जब बैग का वजन मशीन पर तोलने पर 10 किलो पाया गया। जो 5 किलो से डबल है।

इन स्कूलों में किया गया औचक निरीक्षण –
शनिवार को बाल आयोग ने शहर के तीन प्रमुख स्कूलों में औचक निरीक्षण किया। जिसमें 11 नंबर स्थित सेंट जोसफ कोएड, कोलार स्थित होली क्रॉस और मदर टेरेसा का निरीक्षण किया गया। यहां बच्चों के बैग का वजन 8 से 12 किलो निकला। आपको बता दें ये बैग कक्षा छठवीं से आठवीं तक के बच्चों के थे। आपको बता दें

शुरू हो गया अभियान
आपको बता दें चुनाव के पहले ही बाल आयोग ने इसके संकेत दे दिए थे। जिसके अनुसार बच्चों के हैवी बैग का वजन कम करने को लेकर अभियान चलाने की बात कहीं गई थी। जिसके बाद अब ये अभियान शुरू हो गया है। शनिवार को पुलिस आयोग ने पुलिस, परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान चलाया। परिवहन विभाग ने जब स्कूल बसों की जांच की तो बसों मंें न तो स्पीड गर्वनर थे और न ही उनमें सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। कई वाहनों में ओवरलोडिंग भी पाई गई।

टॉयलेट में भी गंदगी –
आयोग द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण कई अनियमितताएं पाई गईं। जहां बच्चों ने टॉयलेट में साफ सफाई संबंधी शिकायत भी की। बच्चों के अनुसार स्कूल के टॉयलेट में न तो सेनेटाइजर है न साबुन। ऐसे में इंफेक्शन और गंदगी फैलने के साथ बीमारियों के फैलने का डर भी ज्यादा होता है। इनकी जांच करने पर शिकायत सही पाई गई।

क्या कहना है बाल आयोग का –
मप्र बाल के सदस्य ब्रजेश चौहान ने बताया कि उनकी टीम ने तीन स्कूलों का निरीक्षण किया है। जिसमें सेंट जोसफ कोएड और होली क्रॉस के बच्चों के बस्ते का वजन 8 से 12 किलो मिला है। इसके बाद अब शिक्षा विभाग को इन स्कूलों को नोटिस जारी करने को कहा है।

जब्त की गई दो वेन –
आपको बता दें परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से की गई इस जांच में 25 स्कूल बसों में फिजिकल वेरिफिकेशन के दौरान कई कमियां पाई गई हैं। साथ ही संचालकों को नोटिस भेजा गया है। इसके अलावा इस दौरान दो वेनों को जब्त भी किया गया है।

क्यों उठाया ये ​कदम –
आपको बता दें बीते दो सालों से कोरोना वायरस के चलते स्कूल बंद पड़े थे। इसके बाद अचानक स्कूल खुलने से कई जगह देखा गया कि बच्चे को भारी बैग स्कूल ले जाना पड़ रहा है। इतना ही नहीं वे बच्चे स्वयं के वजन के बराबर वजन वाले बस्ते उठा रहे हैं। मध्प्रदेश बाल आयोग के सदस्य बृजेश सिंह चौहान द्वारा मीडिया को दी गई जानकारी के मुताबित स्कूल संचालकों संबंधित नियमों स्पष्टीकरण दे रहे हैं। लेकिन बाल आयोग अगले सप्ताह से अधिकारियों को साथ लेकर निरीक्षण शुरू करेगा।

नो बैग-डे’ की अनुशंसा —
आपको बता दें हाल ही में बीते सप्ताह छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा स्कूली बच्चों सप्ताह में एक दिन नो बैग डे के साथ बड़ी राहत मिली है। यानि अब बच्चों को सप्ताह में एक दिन बिना बैग के जाकर बैग फ्री रखने का फैसला किया है। जिसमें कक्षा आठवीं तक के छात्रों को शनिवार को बिना बैग के स्कूल जाने का नियम बनाया गया है। इस फैसले के बाद अब मप्र बाल आयोग ने भी तय किया है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मप्र में भी शनिवार को नो बैग.डे के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा।

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