MP Cough Syrup Case: कफ सिरप कांड के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट, प्रतिबंधित दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ होगी FIR

छिंदवाड़ा और बैतूल में जहरीले कफ सिरप से 14 बच्चों की मौत के बाद प्रशासन और सरकार अलर्ट मोड पर है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित कफ सिरप लिखने या बेचने पर सीधी एफआईआर और जेल भेजने की कार्रवाई होगी।

MP Cough Syrup Case: कफ सिरप कांड के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट, प्रतिबंधित दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ होगी FIR

हाइलाइट्स

  • कफ सिरप कांड को लेकर अलर्ट पर इंदौर प्रशासन।
  • प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर कलेक्टर के निर्देश।
  • बैन की गई कफ सिरप पर लिखने पर होगी एफआईआर।

MP Cough Syrup Children Deaths Case Indore Collector Action: छिंदवाड़ा और बैतूल में जहरीले कफ सिरप की वजह से हुई मासूमों की मौत ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सरकार और प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। मामले में लगातार कार्रवाई चल रही है। जांच में कोल्ड्रिफ सिरप में जहरीला केमिकल पाया गया जिसके बाद सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। अब इस गंभीर मामले में इंदौर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इंदौर कलेक्टर ने प्रतिबंधित सिरप के खिलाफ बड़ा एक्शन प्लान लागू किया है। साथ ही चेतावनी दी है अगर कोई डॉक्टर प्रतिबंधित कफ सिरप लिखता या बेचता पाया गया तो सीधे एफआईआर दर्ज होगी। साथ ही जेल भेजा जाएगा।

इंदौर प्रशासन ने अपनाया कड़ा रुख

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अगर कोई डॉक्टर प्रतिबंधित कफ सिरप लिखता है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। साथ ही मेडिकल स्टोर पर इसकी बिक्री करता मिलता तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने ड्रग्स विभाग और सीएमएचओ को मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों की विशेष निगरानी के आदेश दिए गए हैं।

इंदौर में नहीं पहुंची जहरीली सिरप

कलेक्टर ने बताया कि छिंदवाड़ा में जो जहरीली सिरप बच्चों की मौत का कारण बनी, उसकी डिलीवरी इंदौर में नहीं हुई है। इसके बावजूद, एहतियात के तौर पर जिले में जांच अभियान चलाया जा रहा है।

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मेडिकल स्टोर और डॉक्टरों पर नजर

कलेक्टर ने सीएमएचओ और फूड एंड ड्रग विभाग को निर्देश दिए हैं कि दवा बाजार, मेडिकल स्टोर्स और शिशु रोग विशेषज्ञों के अस्पतालों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कहीं भी लापरवाही या उल्लंघन सामने आया, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने बताया कि जिले में प्रतिबंधित कफ सिरप को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। सभी ड्रग कंट्रोलर्स को फील्ड में सक्रिय रहकर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

ड्रग कंट्रोलर्स को फील्ड में तैनात किया गया है और सभी दवा बाजारों, मेडिकल दुकानों और शिशु रोग विशेषज्ञों के क्लिनिकों की जांच की जा रही है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। फिलहाल, सिरप की बिक्री रोकने के लिए प्रशासन ने एक विशेष टीम का गठन भी कर दिया है।

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जहरीले कफ सिरप ने ली मासूमों की जान

बता दें कि सर्दी-खांसी की साधारण शिकायत पर बच्चों को जो सिरप पिलाया गया, वह जहर बनकर सामने आया। इस जहरीले सिरप से किडनी फेल होने के चलते अब तक 14 मासूमों की जान जा चुकी है। जिसके बाद प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। सीएम मोहन यादव ने बच्चों की मौत के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद लगातार कार्रवाई जारी है।

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