बलरामपुर में बड़ा हादसा: बस पलटने से 5 की मौत, दर्जनों घाय

CG Balrampur bus accident: बलरामपुर जिले से सटे झारखंड के ओरसा घाटी इलाके में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां एक बस के पलट जाने से 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों यात्री घायल बताए जा रहे हैं।

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CG Balrampur bus accident: बलरामपुर सीमा से सटे झारखंड के ओरसा घाटी इलाके में एक यात्री बस के पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दर्जनों यात्री घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस में सवार सभी लोग बलरामपुर जिले के निवासी थे और एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने झारखंड जा रहे थे। हादसे के बाद बलरामपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ राहत कार्य शुरू किया गया।

तेज मोड़ पर बेकाबू हुई बस, 20 फीट गहरी खाई में गिरी

चश्मदीदों के मुताबिक, बस एक तेज और खतरनाक मोड़ पर चालक के नियंत्रण से बाहर हो गई।
बस पहले गार्ड रेल से टकराई, फिर एक पेड़ से भिड़ी और उसके बाद करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद कई यात्री बस में फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।

सीएम विष्णुदेव साय ने जताया शोक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा “बालरामपुर के पास हुए इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जो अत्यंत दुखद है। प्रशासन मौके पर मौजूद है और राहत-बचाव कार्य जारी है। घायलों को हर जरूरी इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।”

87 यात्री थे सवार, बस थी ओवरलोड

प्रशासन के अनुसार, बस में 87 यात्री सवार थे, जो लोध गांव में एक प्री-वेडिंग फंक्शन में शामिल होने जा रहे थे। बस की क्षमता से ज्यादा सवारी होने की वजह से हादसे की आशंका और बढ़ गई।

मृतकों में 4 पुरुष और 1 महिला शामिल

पुलिस ने बताया कि मृतकों में 4 पुरुष और 1 महिला शामिल हैं। सभी बालरामपुर जिले के निवासी थे।
फिलहाल उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।

30 से ज्यादा घायलों की हालत गंभीर

घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कार्मेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
30 से ज्यादा मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर किया गया है।

ड्राइवर ने बताया कैसे हुआ हादसा

बस चालक विकास पाठक, जो हादसे में बच गया, ने पुलिस को बताया कि उसने हैंडब्रेक लगाया, इंजन बंद किया, बस रोकने की पूरी कोशिश की लेकिन तेज ढलान और भारी वजन के कारण बस को संभालना संभव नहीं हो पाया।

प्रशासन ने दिया मदद का भरोसा

जिला प्रशासन ने कहा है कि सभी घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर होगा, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दी जाएगी ,हादसे की जांच शुरू कर दी गई है यह भी देखा जा रहा है कि हादसा लापरवाही से हुआ या किसी तकनीकी खराबी के कारण।

पहाड़ी रास्तों पर ओवरलोडिंग बनी जानलेवा

यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि पहाड़ी इलाकों में ओवरलोड बसें और लापरवाह ड्राइविंग लोगों की जान के लिए कितना बड़ा खतरा बन चुकी हैं।

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