गरियाबंद में निजी अस्पताल की लापरवाही: आदिवासी महिला और नवजात की मौत, लक्ष्मी नारायण हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप

Gariaband hospital Controvercy: गरियाबंद के छुरा स्थित लक्ष्मी नारायण निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद आदिवासी महिला प्रेमिन ध्रुव और उसके नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच डॉक्टरों की जांच टीम गठित की है।

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Gariaband hospital Controvercy: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद से एक दुखद मामला सामने आ रहा है। जहां लक्ष्मी नारायण अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक आदिवासी महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत से इलाके में सनसनी फ़ैल गई। घटना के बाद आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

ऑपरेशन के दौरान नवजात की मौत का आरोप

परिजनों के अनुसार आदिवासी महिला प्रेमिन ध्रुव को प्रसव के लिए लक्ष्मी नारायण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के दौरान नवजात बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि डॉक्टरों के कहने पर परिजनों ने मृत नवजात के शव को दफना दिया, जिससे मामले पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

महिला को रायपुर रेफर, इलाज के दौरान मौत

नवजात की मौत के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का कहना है कि वहां इलाज के दौरान महिला प्रेमिन ध्रुव की भी मौत हो गई। मां और बच्चे दोनों की मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतिका के भाई राजकुमार ध्रुव ने बताया कि उन्हें जानकारी दी गई थी कि नवजात का गला कटा हुआ है और डिलीवरी के दौरान गंभीर लापरवाही हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और निजी हॉस्पिटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

हॉस्पिटल संचालक ने आरोपों को बताया निराधार

वहीं लक्ष्मी नारायण अस्पताल के संचालक ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया था और सुबह तक उसकी स्थिति सामान्य थी। शाम के समय हालत बिगड़ने पर महिला को मेकाहारा रायपुर रेफर किया गया। नवजात के शव को परिजनों को सौंप दिया गया था।

स्वास्थ्य विभाग ने गठित की पांच डॉक्टरों की जांच टीम

मामले को गंभीरता से लेते हुए CMHO डॉ. यू.एस. नवरत्ना ने बताया कि गायनेकोलॉजिस्ट की अध्यक्षता में वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। इस टीम में गायनिकोलॉजिस्ट, सर्जिकल, मेडिसिन और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ शामिल हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा कुल पांच डॉक्टरों की टीम बनाई गई है।

पहले भी निलंबित रह चुका है हॉस्पिटल का लाइसेंस

CMHO ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नर्सिंग होम के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी लक्ष्मी नारायण नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है और यह हॉस्पिटल लंबे समय तक बंद भी रहा है। विशेषज्ञ दल जांच के बाद अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करेगा।

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