सूरजपुर में बच्चों ने मांगा इंसाफ: चोरी का आरोप, प्रिंसिपल के डर से रोते हुए थाने पहुंचे मासूम छात्र, बंसल न्यूज की खबर के बाद जागा प्रशासन

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक स्कूल प्रिंसिपल द्वारा स्पीकर चोरी का आरोप लगाकर मानसिक प्रताड़ना देने पर स्कूली बच्चे रोते हुए थाने पहुंचे। अब मामले में शिक्षा मंत्री के निर्देश पर जांच शुरू हो गई है।

chhattisgarh surajpur school children reached police station harassment investigation hindi news zvj

प्रतापपुर विकासखंड के करंजवार स्थित पूर्व माध्यमिक शाला का मामला।

(रिपोर्ट-आमिर खान, सूरजपुर)

Surajpur Police Station School Students Viral Video: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां न्याय की आस में छोटे-छोटे मासूम स्कूली बच्चे रोते-बिलखते थाने पहुंच गए। स्कूल में मिलने वाली शिक्षा की जगह जब उन्हें प्रताड़ना और 'चोरी' का झूठा कलंक मिला, तो वे डर के मारे पुलिस की शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रतापपुर विकासखंड के एक सरकारी स्कूल में चोरी का आरोप लगाकर प्रिंसिपल ने बच्चों को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने स्कूल जाने के बजाय थाने का दरवाजा खटखटाना बेहतर समझा। बंसल न्यूज़ पर प्रमुखता से खबर दिखाए जाने के बाद अब प्रशासन हरकत में आ गया है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

प्रिंसिपल ने लगाया स्पीकर चोरी का आरोप

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत करंजवार स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की तैयारी के लिए स्कूल में इस्तेमाल होने वाला एक छोटा स्पीकर कहीं गुम हो गया। इसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल राजेश प्रसाद यादव ने बिना किसी पुख्ता सबूत के छात्रों पर ही चोरी का आरोप मढ़ दिया।

बच्चों को टीसी काटने की धमकी

बच्चों ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिनों से उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्हें डराया गया कि यदि उन्होंने स्पीकर नहीं लौटाया तो उनका ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) काटकर स्कूल से बाहर निकाल दिया जाएगा और उनका करियर बर्बाद कर दिया जाएगा।

डर और अपमान से टूटे मासूम पहुंचे थाने

घर और स्कूल, दोनों जगह से बढ़ते दबाव और अपमान से बच्चे पूरी तरह टूट गए। इंसाफ की उम्मीद में वे रोते हुए प्रतापपुर थाने पहुंचे और पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई। हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया और बिना किसी लिखित शिकायत के बच्चों को वापस भेज दिया। लेकिन जब इन रोते हुए मासूमों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया।

बंसल न्यूज की खबर का असर

इस संवेदनशील मामले पर बंसल न्यूज द्वारा खबर दिखाए जाने के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) को जांच के कड़े निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट कहा, "यदि बच्चे गलत होते तो वे कभी थाने नहीं जाते। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

मैदान में उतरी प्रशासन की टीम

शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद अब प्रशासन पूरी तरह हरकत में है। SDM और BEO (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम करंजवार स्कूल पहुंच चुकी है। टीम छात्रों, अन्य शिक्षकों और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है। जांच टीम का कहना है कि वे जल्द ही अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है,,क्या इन मासूम बच्चों को इंसाफ मिलेगा?

Chhattisgarh Education Department news, Chhattisgarh Education Department, Minister Laxmi Rajwade, Surajpur School Harassment Case, Surajpur Police Station Students Viral Video, Surajpur School Students Viral Video, Chhattisgarh School News, Chhattisgarh News, Pratappur Police Station Children Video, Mental Torture in Schools, School Principal Misconduct, surajpur news 

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article