छत्तीसगढ़ शासन का बड़ा प्रशासनिक फैसला: रिटायर्ड IPS कमलोचन कश्यप को मिली संविदा नियुक्ति, पुलिस मुख्यालय में OSD बनाए गए

छत्तीसगढ़ शासन ने सेवानिवृत्त आईपीएस कमलोचन कश्यप को संविदा नियुक्ति देते हुए पुलिस मुख्यालय रायपुर में OSD पद पर पदस्थ किया है। गृह (पुलिस) विभाग के आदेश के अनुसार यह नियुक्ति एक वर्ष या आगामी आदेश तक के लिए होगी।

CG IPS Kamlochan Kashyap

CG IPS Kamlochan Kashyap: छत्तीसगढ़ शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी कमलोचन कश्यप को संविदा आधार पर नई जिम्मेदारी सौंपी है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, उन्हें पुलिस मुख्यालय, रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया गया है।

कमलोचन कश्यप हाल ही में पुलिस विभाग में डीआईजी (DIG) पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के बाद शासन ने उनके अनुभव और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए यह नई जिम्मेदारी दी है।

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संविदा नियुक्ति नियम 2012 के तहत फैसला

यह नियुक्ति गृह विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार की गई है। आदेश में उल्लेख है कि यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के नियम 4(4) के अंतर्गत की गई है।

जारी आदेश में साफ कहा गया है कि कमलोचन कश्यप को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से एक वर्ष की अवधि या आगामी आदेश तक (जो भी पहले हो) संविदा नियुक्ति दी गई है। संविदा सेवा की शर्तें अलग से जारी की जाएंगी।

देखें आदेश की कॉपी-

कौन हैं रिटायर्ड IPS कमलोचन कश्यप?

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छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की मिट्टी से निकलकर नक्सल प्रभावित इलाकों में वर्षों तक डटकर काम करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कमलोचन कश्यप को जमीनी हकीकत समझने वाले अफसर के रूप में जाना जाता है। आदिवासी समाज से आने वाले कश्यप ने हमेशा फील्ड में रहकर काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई।

कमलोचन कश्यप का जन्म 1 जनवरी 1966 को बस्तर जिले के कोठियागुड़ा गांव में हुआ। उनके पिता सुखदेव कश्यप हैं। वे मुरिया आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते हैं। साधारण परिवार में जन्मे कश्यप ने बचपन से ही कठिन परिस्थितियों का सामना किया। गांव के सरकारी स्कूल से उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद पढ़ाई के प्रति उनकी लगन बनी रही।

माध्यमिक और हायर सेकेंडरी शिक्षा उन्होंने लोहंडीगुड़ा में पूरी की। उस दौर में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के साधन सीमित थे, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। आगे की पढ़ाई के लिए वे जगदलपुर पहुंचे और शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जगदलपुर से स्नातक की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने रायपुर का रुख किया और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया।

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