छत्तीसगढ़ विधानसभा में ड्रग तस्करों को लेकर घमासान: भूपेश बघेल ने नाव्या मलिक को लेकर उठाए ये सवाल, गृहमंत्री विजय शर्मा ने मांगी मोहलत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची को लेकर जोरदार बहस हुई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रायपुर के चर्चित नाव्या मलिक ड्रग केस का नाम सूची में शामिल न होने पर सवाल उठाए।

Navya Malik Drug Case

Navya Malik Drug Case: छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) की कार्यवाही के दौरान गुरुवार को ड्रग तस्करी का मुद्दा गरमा गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने गृहमंत्री विजय शर्मा (Vijay Sharma) से पिछले 12 महीनों में पकड़े गए अंतर्राज्यीय ड्रग तस्करों की सूची मांगी।

जवाब में गृहमंत्री ने बताया कि 282 प्रकरणों में अंतर्राज्यीय मामलों से जुड़े आरोपियों के नाम दर्ज हैं। लेकिन सूची में रायपुर (Raipur) के चर्चित नाव्या मलिक (Navya Malik) ड्रग केस का नाम शामिल नहीं था।

नाव्या मलिक का नाम क्यों नहीं?

Raipur Drug Queen Navya Malik Case: Fiancé Betrays, Police Charge Sheet  Reveals

भूपेश बघेल ने इसी बिंदु को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि जब मामला सरकार की जानकारी में है, तो सूची में नाव्या मलिक का नाम क्यों नहीं है? उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले का विदेश कनेक्शन क्या है, नाव्या कितनी बार विदेश गई और किन लोगों के साथ गई?

इन सवालों पर गृहमंत्री सदन में तत्काल जवाब नहीं दे पाए और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही। बाद में मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्कर वही कहलाएगा जिसका नाम दो राज्यों में दर्ज हो। नाव्या मलिक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत कार्रवाई की गई थी और वह तीन महीने जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर है।

ट्रायल शुरू, 9 आरोपी नामजद

इस बहस के बाद नाव्या मलिक ड्रग केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। मामले में ट्रायल शुरू हो चुका है। पुलिस ने कुल 9 लोगों को आरोपी बनाया है।

जांच के दौरान सामने आया कि नाव्या मलिक के मंगेतर अयान परवेज (Ayan Parvez) ने ही दिल्ली (Delhi) से ड्रग्स आने की जानकारी पुलिस को दी थी। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच मतभेद बढ़ने के बाद अयान ने पुलिस को सूचना दी।

चार्जशीट में चौंकाने वाले तथ्य

चार्जशीट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे केस और जटिल हो गया है। हालांकि पुलिस ने जांच को 9 आरोपियों तक सीमित रखा है। उन प्रभावशाली लोगों का नाम सामने नहीं आया, जिनकी चर्चा जांच के दौरान होती रही।

चार्जशीट में एक और रहस्यमय नाम “ग्लोरी टू बी गॉड” (Glory To Be God) का जिक्र बार-बार हुआ है, जिससे मामले में नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अब विपक्ष सरकार से इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच और सभी कड़ियों को उजागर करने की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article