CG PSC-व्यापमं परीक्षा में अब सख्ती: नकल करते पकड़ाए तो 5 साल की जेल, जुर्माना भी लगेगा, सरकार बजट सत्र में ला रही ये अधिनियम

छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार इसी बजट सत्र में 'छत्तीसगढ़ लोका परीक्षा अधिनियम' ला रही है। जिसके तहत भर्ती परीक्षा में नकल करते पाए जाने पर परीक्षार्थी को एक से 5 साल की जेल व 5 लाख तक जुर्माना देना होगा।

Chhattisgarh Lok Pariksha Adhiniyam

Chhattisgarh Lok Pariksha Adhiniyam: छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार इसी बजट सत्र में 'छत्तीसगढ़ लोका परीक्षा अधिनियम' ला रही है। इसमें प्रावधान किया जा रहा है कि यदि किसी भर्ती परीक्षा में नकल करते हुए परीक्षार्थी पकड़ा जाता है तो एक से पांच साल तक की जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माना लगा सकता है। नकल कराते कोई व्यक्ति या गिरोह पकड़ा गया तो जेल के साथ एक करोड़ रुपए जुर्माना भी देना होगा।

सीएम ने दिए नकल के खिलाफ नियम लाने के संकेत

 इसी तरह वर्ष 2025 में व्यावसायिक परीक्षा मंडल की PWD भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर के एक केंद्र में हाईटेक नकल का मामला सामने आया था। ऐसे में सरकार का यह कदम नकल, पेपर लीक और परीक्षा में धांधली जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। सीएम विष्णुदेव साय ने विधानसभा में इसी हफ्ते कहा था कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी को रोकने के लिए हम छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम लाने वाले हैं।

नकलची 5 साल तक नहीं दे पाएगा एग्जाम 

अधिनियम के अनुसार, भर्ती परीक्षाओं में नकल करने वाले परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोका जाएगा। ऐसे छात्रा या कैंडिडेट्स 3 से 5 वर्ष तक राज्य की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। गंभीर मामलों में 1 से 5 वर्ष की जेल और 5 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है।
दोबारा दोषी पाए जाने पर सजा डबल यानी 10 वर्ष हो सकती है। 

कोचिंग भी आएंगे अधिनियम के दायरे में

कोई भी कोचिंग संस्थान किसी लोक परीक्षा में सफलता की गारंटी देकर युवाओं को प्रवेश के लिए प्रलोभन नहीं दे सकेगा। चयन या सफलता से जुड़ी कोई भी झूठी, भ्रामक या भड़काऊ जानकारी प्रकाशित करना प्रतिबंधित होगा।

शैक्षणिक परीक्षाएं दायरे से बाहर

शैक्षणिक, तकनीकी, व्यावसायिक अथवा अन्य प्रकार की योग्यता प्राप्त करने के लिए आयोजित परीक्षाओं पर यह नया अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा। इन परीक्षाओं में नकल या अनुचित साधनों के मामलों में छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम अधिनियम, 2008) के प्रावधानों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।

इन अपराधों के लिए भी अधिनियम में प्रावधान

परीक्षार्थियों के अलावा परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य व्यक्तियों, एजेंसियों और संस्थानों के लिए भी सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। तहत परीक्षा से संबंधित सेवा प्रदाता संस्थान, कंपनी, फर्म, संस्थान के द्वारा अपराध किया जाता है, तो ये सब भी छत्तीसगढ़ लोक परीक्षा अधिनियम  के दायरें आएंगे।

अधिनियम में इन कृत्यों को अपराध माना

  • नकल करना या किसी अन्य से नकल करवाना। प्रश्नपत्र लीक करना, प्राप्त करना या लीक की साजिश रचना।

  • परीक्षा कक्ष में शरीर, वस्त्र, फर्नीचर या अन्य किसी वस्तु पर जानबूझकर कोई चिंह, संकेत, शब्द या छाप अंकित करना।

  • ओएमआर शीट, उत्तर पुस्तिका या मूल्यांकन अभिलेखों में छेड़छाड़ करना।

  • फर्जी वेबसाइट बनाना, फर्जी परीक्षा आयोजित

  • करना या नकली प्रवेश/नियुक्ति पत्र जारी करना।

  • परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क या तकनीकी व्यवस्था में अवैध हस्तक्षेप करना।

  • मेरिट, रैंक निर्धारण के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ करना। परीक्षा के पूर्व नकली को असली पेपर बताकर आर्थिक लाभ के लिए प्रसारित करना।

  • परीक्षा तिथियों या पालियों के आवंटन में गड़बड़ी करना।

ये भी पढ़ें:  छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रही गर्मी: 1 मार्च से मौसम पूरी तरह शुष्क, तापमान में 4 डिग्री तक उछाल के संकेत; दोपहर की धूप बढ़ाएगी असर

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article