छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का बड़ा आंदोलन: मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग, रायपुर से जगदलपुर तक चक्काजाम, हाईवे ठप

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया। रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ समेत कई जिलों में ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया गया।

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Chhattisgarh Congress Protest: छत्तीसगढ़ में किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मनरेगा बचाओ संग्राम और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में व्यापक प्रदर्शन किया। इस दौरान राजधानी रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर और रायगढ़ समेत कई जिलों में हर ब्लॉक स्तर पर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम किया गया।

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हाईवे पर थमा यातायात

बिलासपुर-अंबिकापुर हाईवे में बीच सड़क पर बैठकर कांग्रेसियो ने प्रदर्शन किया।

बिलासपुर–अंबिकापुर हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच सड़क बैठकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसी तरह रायपुर–जगदलपुर–ओडिशा को जोड़ने वाले एनएच-30 पर भी चक्काजाम के चलते आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया।

रायपुर में दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

राजधानी रायपुर के लालपुर चौक पर कांग्रेस ने मनरेगा में किए गए बदलावों के विरोध में सांकेतिक चक्काजाम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश जारी रखी और धान खरीदी की तिथि नहीं बढ़ाई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।

दुर्ग और रामानुजगंज में भी प्रदर्शन

रामानुजगंज में कांग्रेस ने किसानों और आम जनता की मांगों को लेकर महावीरगंज चौक पर एक घंटे तक चक्का जाम किया।

दुर्ग जिले में कांग्रेस ने एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों का आरोप है कि सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं और धान खरीदी में देरी से किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
वहीं रामानुजगंज में महावीरगंज चौक पर कांग्रेस ने करीब एक घंटे तक चक्काजाम किया। ब्लॉक अध्यक्ष मधु गुप्ता के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें धान खरीदी की तिथि बढ़ाने, मनरेगा कानून को पूर्ववत लागू करने और पीडीएस में चावल की कमी दूर करने की मांग की गई।

गरियाबंद और रायगढ़ में अलग-अलग रूप में विरोध

गरियाबंद जिले में कांग्रेस ने सड़क जाम कर विरोध जताया। देवभोग में धान की बोरियां सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया, वहीं मैनपुर में एनएच-130C जाम किया गया। बाद में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर चक्काजाम स्थगित किया गया।

रायगढ़ जिले के कोलाईबहाल जामगांव में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर ड्राई डे घोषित नहीं किए जाने को लेकर शराब दुकानों के सामने भी विरोध प्रदर्शन किया गया।

मनरेगा और धान खरीदी को लेकर आरोप

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा कानून को कमजोर कर रही है और योजना का नाम बदलने की कोशिश कर रही है। साथ ही किसानों का धान पूरी मात्रा में नहीं खरीदा जा रहा, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह किसानों और मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी।

आगे और तेज होगा आंदोलन

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही मनरेगा को पूर्ववत लागू नहीं किया और धान खरीदी की तारीख नहीं बढ़ाई, तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में घेराव और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। इस आंदोलन ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की सियासत को गरमा दिया है।

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