छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का दो दिवसीय धरना: नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग, साड़ी खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप

छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ के बैनर तले प्रदेशभर में दो दिवसीय धरना शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं ने नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा की मांग उठाई है।

Chhattisgarh Anganwadi Workers Protest

Chhattisgarh Anganwadi Workers Protest: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ (Chhattisgarh Jujharu Anganwadi Karyakarta Sangh) के बैनर तले 26 और 27 फरवरी को प्रदेशव्यापी दो दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। संघ की जिलाध्यक्ष सतरूपा ध्रुव (Satroopa Dhruv) ने बताया कि यह आंदोलन तीन प्रमुख मांगों को लेकर किया जा रहा है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं धरने में शामिल हुईं।

नियमितीकरण और वेतन वृद्धि की मांग

संघ की पहली मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को शिक्षाकर्मियों और पंचायत कर्मियों की तरह शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। उनका कहना है कि वर्षों से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है।

दूसरी मांग बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन वृद्धि से जुड़ी है। संघ ने मांग की है कि नियमितीकरण तक कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह 26,000 रुपये और सहायिकाओं को 22,100 रुपये मानदेय दिया जाए। साथ ही मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) की तर्ज पर हर साल 1,000 रुपये वेतन वृद्धि सुनिश्चित की जाए।

सामाजिक सुरक्षा की भी मांग

तीसरी मांग सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी है। संघ ने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, एकमुश्त ग्रेच्युटी (Gratuity), आकस्मिक मृत्यु पर आर्थिक सहायता और समूह बीमा (Group Insurance) लागू करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी उन्हें भविष्य की सुरक्षा नहीं मिलती।

साड़ी खरीदी में अनियमितता का आरोप

धरने के दौरान साड़ी खरीदी में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए गए। जिलाध्यक्ष सतरूपा ध्रुव ने महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) के अधिकारियों और साड़ी आपूर्ति करने वाली कंपनी के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि वितरित साड़ियां घटिया गुणवत्ता की हैं पारदर्शी, आकार में छोटी और कई जगह से फटी हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री को दिखाई गई साड़ी की गुणवत्ता अलग थी, जिससे अधिकारियों द्वारा गुमराह करने का संदेह होता है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो चक्काजाम और विधानसभा घेराव जैसे बड़े आंदोलन किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब तक ठोस निर्णय नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में जिले भर से बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई।

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